स्टूडेंट्स की पढ़ाई पर भारी पड़ रही काम टालने की आदत, 72% से ज्यादा छात्र परेशान; स्टडी में खुलासा

Knews Desk– स्टडी के अनुसार, सर्वे में शामिल 72.3 प्रतिशत छात्रों ने बताया कि उन्होंने पिछले 12 महीनों के दौरान काम टालने की समस्या का अनुभव किया। वहीं, 73.8 प्रतिशत छात्रों ने तनाव की शिकायत की। अध्ययन में यह भी सामने आया कि अंडरग्रेजुएट विद्यार्थियों में काम टालने की आदत ग्रेजुएट और प्रोफेशनल छात्रों की तुलना में अधिक देखी गई। इससे पता चलता है कि कॉलेज स्तर पर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए समय पर काम पूरा करना एक बड़ी चुनौती हो सकती है।

आंकड़ों के मुताबिक, 74.8 प्रतिशत अंडरग्रेजुएट छात्रों ने काम टालने की आदत से जुड़ी समस्या की बात कही। वहीं, ग्रेजुएट और प्रोफेशनल छात्रों में यह आंकड़ा 66.2 प्रतिशत रहा। अध्ययन में छात्रों की इस आदत की तुलना जीवन और स्वास्थ्य से जुड़ी 35 अन्य समस्याओं से भी की गई। इनमें आर्थिक परेशानियां, एंग्जायटी, डिप्रेशन, अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर यानी ADHD और नींद से जुड़ी समस्याएं शामिल थीं।रिसर्च में काम टालने की आदत और शैक्षणिक प्रदर्शन के बीच संबंध भी सामने आया। सर्वे में शामिल 45.4 प्रतिशत छात्रों ने माना कि काम टालने की वजह से उनकी पढ़ाई और प्रदर्शन पर नकारात्मक असर पड़ा। वहीं, जिन छात्रों ने काम टालने की समस्या का अनुभव किया था, उनमें से 62.7 प्रतिशत ने अपने एकेडमिक प्रदर्शन पर इसके बुरे प्रभाव की बात कही। ये आंकड़े इस ओर इशारा करते हैं कि समय पर पढ़ाई और असाइनमेंट पूरे नहीं करने की आदत विद्यार्थियों के लिए परेशानी बढ़ा सकती है।

अक्सर छात्र किसी असाइनमेंट या परीक्षा की तैयारी को बाद के लिए टाल देते हैं। शुरुआत में उन्हें लगता है कि काम बाद में आसानी से पूरा हो जाएगा, लेकिन समय सीमा नजदीक आने पर दबाव बढ़ने लगता है। कई बार छात्र पढ़ाई शुरू करने के बजाय बार-बार फोन चेक करते हैं या दूसरे कामों में समय बिताते हैं। इससे काम अधूरा रह सकता है और आखिरी समय में उसे पूरा करने की जल्दबाजी बढ़ जाती है।काम टालने की आदत का असर केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रह सकता। समय पर काम पूरा नहीं होने से तनाव बढ़ सकता है और नींद का नियमित क्रम भी प्रभावित हो सकता है। हालांकि, अध्ययन के नतीजे यह साबित नहीं करते कि काम टालना ही इन सभी समस्याओं का सीधा कारण है। शोध में सामने आए आंकड़े छात्रों के स्वयं दिए गए जवाबों पर आधारित हैं और मुख्य रूप से विभिन्न समस्याओं के बीच संबंध को दर्शाते हैं।

विशेषज्ञों के लिए ऐसे निष्कर्ष छात्रों की दिनचर्या, पढ़ाई की योजना और समय प्रबंधन को समझने में उपयोगी हो सकते हैं। विद्यार्थियों के लिए छोटे लक्ष्य तय करना, असाइनमेंट को हिस्सों में बांटना और काम शुरू करने के लिए निश्चित समय निर्धारित करना मददगार हो सकता है। पढ़ाई के दौरान फोन और अन्य ध्यान भटकाने वाली चीजों से दूरी बनाने से भी एकाग्रता बेहतर रखने में सहायता मिल सकती है।कुल मिलाकर, स्टडी छात्रों में काम टालने की आदत और खराब शैक्षणिक प्रदर्शन के बीच महत्वपूर्ण संबंध को सामने लाती है। हालांकि, इस संबंध को सीधे कारण के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, लेकिन समय पर काम पूरा करने की आदत विद्यार्थियों के तनाव को संभालने और पढ़ाई को व्यवस्थित रखने में उपयोगी साबित हो सकती है।

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