दिल्ली व्यापार महासंघ ने रामलीला मैदान में बड़े धरना-प्रदर्शनों के आयोजन पर रोक लगाने की मांग करते हुए इसे निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने का सुझाव दिया है। संगठन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर दिल्ली के बाहरी क्षेत्रों में वैकल्पिक प्रदर्शन स्थल निर्धारित करने की अपील की है।
Knews Desk– दिल्ली व्यापार महासंघ (रजि.) ने रामलीला मैदान में बड़े पैमाने पर होने वाले धरना-प्रदर्शनों को लेकर चिंता जताई है। महासंघ ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार को पत्र भेजकर इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।
संगठन का कहना है कि रामलीला मैदान में बड़े प्रदर्शनों के आयोजन से आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा अस्पतालों तक पहुंचने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और दिल्ली के थोक कारोबार को सुचारू रूप से संचालित करने में भी मुश्किलें पैदा हो सकती हैं। महासंघ ने सुझाव दिया है कि ऐसे आयोजनों के लिए राजधानी के बाहरी इलाकों में वैकल्पिक स्थान निर्धारित किए जाएं।
महासंघ ने अपने पत्र में रामलीला मैदान के आसपास स्थित लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल (LNJP), जीबी पंत अस्पताल, गुरु नानक आई सेंटर और मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज का भी उल्लेख किया है। संगठन के मुताबिक, इन चिकित्सा संस्थानों तक एंबुलेंस, डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों और आवश्यक चिकित्सा सामग्री की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना जरूरी है। बड़े प्रदर्शनों के दौरान जाम, भीड़भाड़ या किसी तरह के टकराव की स्थिति बनने पर आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
पत्र में क्षेत्र की सामाजिक और जनसांख्यिकीय संवेदनशीलता का मुद्दा भी उठाया गया है। महासंघ ने कहा है कि धार्मिक या सांप्रदायिक विषयों से जुड़े प्रदर्शनों के दौरान तनाव की आशंका का पहले से आकलन किया जाना चाहिए। संगठन ने स्पष्ट किया है कि उसकी मांग किसी धार्मिक समुदाय के विरोध में नहीं है, बल्कि प्रदर्शन स्थलों का निर्धारण सार्वजनिक सुरक्षा, सामाजिक सौहार्द और भीड़ प्रबंधन की व्यावहारिक चुनौतियों को ध्यान में रखकर करने की है।
दिल्ली के थोक बाजारों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर भी महासंघ ने चिंता जाहिर की है। संगठन के अनुसार, रामलीला मैदान के आसपास के व्यावसायिक क्षेत्रों में दिल्ली के साथ-साथ दूसरे राज्यों से भी व्यापारी, खरीदार और वितरक आते हैं। प्रदर्शनों के कारण सड़कें बाधित होने, वाहनों के मार्ग बदलने और माल की आवाजाही प्रभावित होने से कारोबारियों को आर्थिक नुकसान हो सकता है। इससे सामान की आपूर्ति में देरी, परिवहन खर्च में बढ़ोतरी और व्यापारिक गतिविधियों में अनिश्चितता पैदा होने की आशंका है। इसका असर श्रमिकों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों की आजीविका पर भी पड़ सकता है।
महासंघ ने प्रशासन से रामलीला मैदान के आसपास यातायात, भीड़ नियंत्रण, संभावित टकराव, अस्पतालों तक पहुंच और व्यापारिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर व्यापक जोखिम आकलन कराने की मांग की है। संगठन ने संबंधित अधिकारियों से अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ जल्द बैठक करने का आग्रह भी किया है। महासंघ का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकार को बनाए रखते हुए आम नागरिकों की सुरक्षा, चिकित्सा सेवाओं और व्यापारिक गतिविधियों को प्रभावित होने से बचाने के लिए व्यावहारिक व्यवस्था तैयार की जानी चाहिए।