पाकिस्तान में मुनीर-शहबाज की बढ़ी मुश्किलें, खैबर में तैनाती के खिलाफ पंजाब पुलिस में बगावत!

Knews Desk- पाकिस्तान में सेना प्रमुख आसिम मुनीर और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बीच सियासी टकराव एक बार फिर तेज होता दिखाई दे रहा है। इमरान खान की पार्टी से जुड़ी खैबर पख्तूनख्वाह की प्रांतीय सरकार को सस्पेंड किए जाने और मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी समेत कई नेताओं की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। इसी बीच पंजाब पुलिस के हजारों जवानों की दूसरे प्रांत में तैनाती की योजना को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की सरकार और सेना पंजाब के करीब 40 हजार पुलिसकर्मियों को खैबर पख्तूनख्वाह में तैनात करने की कोशिश कर रही हैं। इस प्रांत को इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) का मजबूत गढ़ माना जाता है। हालांकि, पंजाब पुलिस के भीतर इस संभावित तैनाती को लेकर विरोध के स्वर उठने लगे हैं। पुलिसकर्मियों का कहना है कि वे ऐसे आदेशों का पालन नहीं करना चाहते, जिनमें उनकी सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं का ध्यान नहीं रखा जाता।

सुविधाओं की कमी से नाराज पुलिसकर्मी

रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में इमरान खान के समर्थकों को नियंत्रित करने के लिए कुछ पुलिसकर्मियों को दूरदराज के इलाकों में तैनात किया गया था। जवानों का आरोप है कि उन्हें ड्यूटी पर भेजने के बाद जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं। यहां तक कि उन्हें बासी खाना खाने के लिए मजबूर होना पड़ा। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस वजह से पांच पुलिसकर्मियों की मौत हो गई।इसी अनुभव के बाद पंजाब पुलिस के जवानों में नाराजगी बढ़ गई है। अब उन्हें खैबर पख्तूनख्वाह भेजने की चर्चा से असंतोष और गहरा गया है। पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर मुख्यालय के आदेशों का पालन करने से इनकार करने की बात कही है। उनका तर्क है कि जब सरकार उनकी समस्याओं और सुविधाओं पर ध्यान नहीं देती, तो वे उसके लिए जोखिम उठाकर दूसरे प्रांत में क्यों लड़ें।हालांकि, पंजाब पुलिस के इंस्पेक्टर जनरल ने कहा है कि अभी तक तैनाती को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने संकेत दिया कि निर्णय होने के बाद ही इस मामले पर विचार किया जाएगा।

खैबर पख्तूनख्वाह क्यों है अहम?

पाकिस्तान में वर्ष 2024 के चुनाव के बाद खैबर पख्तूनख्वाह में इमरान खान की पार्टी की सरकार बनी थी। यह ऐसा प्रांत है, जहां शहबाज शरीफ की पार्टी और सेना समर्थित राजनीतिक समीकरणों को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। शहबाज शरीफ की पार्टी के नेताओं ने खैबर की सरकार पर आतंकियों के साथ मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। हालांकि, ये राजनीतिक आरोप हैं।पंजाब में मरियम नवाज की सरकार है, जो शहबाज शरीफ की भतीजी हैं। ऐसे में पंजाब से पुलिसकर्मियों को खैबर में तैनात करने की संभावित योजना को राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।इमरान खान को जेल से बाहर लाने की मांग के बीच सोहेल अफरीदी पैदल यात्रा की मुहिम शुरू करने की तैयारी में थे। इसी दौरान उनकी सरकार और पार्टी के नेताओं के खिलाफ हुई कार्रवाई ने विवाद को और बढ़ा दिया। अब पंजाब पुलिस के संभावित विरोध ने सरकार के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। हालांकि, 40 हजार जवानों की तैनाती पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है और पुलिसकर्मियों के विरोध के आगे सरकार क्या रुख अपनाती है, इस पर सबकी नजर है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *