‘मोदी भारत के लिए शर्मिंदगी का कारण’, रिहाई के बाद अभिजीत दीपके का तीखा हमला

knews desk – कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिए गए पार्टी के नेताओं अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को मजिस्ट्रेट ने हिरासत में लिए जाने के करीब 24 घंटे बाद रिहा कर दिया है। रिहाई के बाद तीनों नेताओं ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा किए और सरकार तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। वहीं, यूट्यूबर ध्रुव राठी ने भी रिहा होने के बाद वीडियो जारी कर दावा किया कि उन्हें हिरासत में नहीं लिया गया था, बल्कि उनका अपहरण किया गया था।

अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लेते हुए लिखा, “प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी भारत के लिए शर्मिंदगी का कारण हैं। इस देश ने कभी भी इतना बड़ा डरपोक और दादागीरी करने वाला व्यक्ति नहीं देखा।”

गांव लौट रहे अभिजीत दीपके, दादी का हुआ निधन

अभिजीत दीपके ने बताया कि उनकी गैर-मौजूदगी में उनकी दादी सावित्रीबाई दीपके का अंतिम संस्कार किया गया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि दुख की इस घड़ी में अपने परिवार के साथ रहने के लिए वह अपने गांव लौट रहे हैं। उन्होंने बताया कि सौरव दास और आशुतोष रांका जल्द ही दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।

अभिजीत दीपके ने अपने पोस्ट में आगे लिखा कि CJP न तो पीछे हटेगी और न ही डरेगी। उन्होंने 10 अक्टूबर को तानाशाही के अंत की शुरुआत के तौर पर याद किए जाने की बात कही।

आशुतोष रांका ने ज्ञानेश कुमार से मांगा इस्तीफा

CJP नेता आशुतोष रांका ने भी हिरासत से रिहा होने के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा किया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए लिखा, “ज्ञानेश कुमार गद्दार हैं। उन्हें इस्तीफा देना होगा। ऐसे गद्दारों को हटाने के लिए मैं अपनी पूरी जिंदगी जेल में बिताने को भी तैयार हूं।”

उन्होंने एक अन्य पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए लिखा, “नरेंद्र मोदी ने ही हमारे प्यारे देश की शांति भंग की है।”

ध्रुव राठी ने वीडियो जारी कर लगाया अपहरण का आरोप

CJP नेताओं के अलावा यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था। रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने उन्हें सुबह उनके घर से हिरासत में लिया और देर रात रिहा कर दिया।

रिहाई के बाद ध्रुव राठी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें गिरफ्तार या हिरासत में नहीं लिया गया था, बल्कि उनका अपहरण किया गया था। वीडियो के साथ उन्होंने लिखा, “मुझे गिरफ्तार या हिरासत में नहीं लिया गया था, मुझे किडनैप किया गया था। आपके समर्थन के लिए धन्यवाद, पूरी कहानी यह रही।”

10 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले हुई थी कार्रवाई

CJP ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया था। प्रदर्शन से पहले ही पार्टी के नेताओं अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में ले लिया गया था। इसके बाद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आई थीं।

रिहाई के बाद CJP नेताओं और ध्रुव राठी की सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दिल्ली पुलिस की कार्रवाई और सरकार को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *