KNEWS DESK- पेसरट्टू आंध्र प्रदेश का पारंपरिक नाश्ता है, जिसे साबुत हरी मूंग की दाल से बनाया जाता है। स्वादिष्ट होने के साथ इसे तैयार करना भी आसान है। जानिए पेसरट्टू बनाने की आसान रेसिपी, जरूरी सामग्री और बचे हुए घोल से बनने वाले दूसरे स्वादिष्ट व्यंजनों के बारे में।

सुबह के नाश्ते में कुछ अलग और हेल्दी खाने का मन हो, तो आंध्र प्रदेश का मशहूर पेसरट्टू एक अच्छा विकल्प हो सकता है। मूंग की दाल से बनने वाला यह डोसा स्वाद और पोषण का बेहतरीन मेल है। इसे बनाने के लिए चावल या उड़द की दाल की जरूरत नहीं होती। साबुत हरी मूंग, अदरक और हरी मिर्च से तैयार होने वाला पेसरट्टू बाहर से हल्का कुरकुरा और अंदर से नरम रहता है। इसे नारियल की चटनी, अदरक की चटनी या अपनी पसंद के दूसरे विकल्पों के साथ परोसा जा सकता है। पेसरट्टू को मूंग दाल डोसा भी कहा जाता है। मूंग की दाल प्रोटीन और फाइबर का अच्छा स्रोत है, इसलिए इसे नाश्ते में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। अगर आप रोजाना के नाश्ते में कुछ नया आजमाना चाहते हैं, तो घर पर आसानी से यह रेसिपी तैयार कर सकते हैं।
पेसरट्टू बनाने के लिए सामग्री
पेसरट्टू बनाने के लिए आपको एक कप साबुत हरी मूंग की दाल, दो हरी मिर्च, एक इंच अदरक का टुकड़ा, स्वादानुसार नमक, आवश्यकतानुसार तेल, बारीक कटा हुआ प्याज और हरा धनिया चाहिए। स्वाद बढ़ाने के लिए थोड़ा जीरा भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
कैसे बनाएं आंध्र प्रदेश का मशहूर पेसरट्टू?
सबसे पहले साबुत हरी मूंग की दाल को अच्छी तरह धोकर 4 से 6 घंटे के लिए पानी में भिगो दें। चाहें तो इसे रातभर भिगोकर भी रख सकते हैं। इसके बाद दाल का अतिरिक्त पानी निकाल लें और इसे मिक्सर जार में डालें। अब इसमें अदरक, हरी मिर्च, जीरा और नमक मिलाएं। जरूरत के अनुसार थोड़ा पानी डालकर सभी चीजों को पीस लें। ध्यान रखें कि घोल न तो बहुत पतला हो और न ही बहुत गाढ़ा।
अब एक तवा गर्म करें और उस पर हल्का तेल लगाएं। तैयार घोल को तवे पर डालकर गोल आकार में पतला फैलाएं। ऊपर से बारीक कटा प्याज और हरा धनिया डाल दें। किनारों पर थोड़ा तेल लगाकर मध्यम आंच पर पकाएं। जब निचली सतह सुनहरी और कुरकुरी होने लगे, तो पेसरट्टू को पलट दें और दूसरी तरफ से भी अच्छी तरह सेंक लें।
दोनों तरफ से पकने के बाद इसे प्लेट में निकाल लें। गरमा-गरम पेसरट्टू को नारियल की चटनी, अदरक की चटनी या अपनी पसंद की चटनी के साथ परोसें। इस तरह कम सामग्री में स्वादिष्ट और पौष्टिक नाश्ता तैयार हो जाएगा।
बचे हुए पेसरट्टू के घोल से बनाएं ये दो व्यंजन
अगर पेसरट्टू बनाने के बाद घोल बच जाए, तो उसे फेंकने की जरूरत नहीं है। इससे दूसरे स्वादिष्ट नाश्ते भी बनाए जा सकते हैं।
मूंग दाल के अप्पे: बचे हुए घोल में जरूरत के अनुसार नमक और बारीक कटी सब्जियां मिला लें। अप्पे के सांचे में हल्का तेल लगाकर घोल डालें और ढककर मध्यम आंच पर पकाएं। अप्पे को पलटकर दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक सेंक लें। इसे हरी चटनी के साथ परोस सकते हैं।
मूंग दाल का ढोकला: बचे हुए घोल से ढोकला भी तैयार किया जा सकता है। इसके लिए घोल में आवश्यकतानुसार नमक और थोड़ा नींबू का रस मिलाएं। भाप में पकाने से ठीक पहले निर्देशों के अनुसार ईनो या उपयुक्त फल-सॉल्ट मिलाकर घोल को चिकनाई लगे बर्तन में डालें। इसे स्टीमर में अच्छी तरह पकाएं और ठंडा होने पर टुकड़ों में काट लें। चाहें तो ऊपर से राई और करी पत्ते का तड़का लगा सकते हैं।
पेसरट्टू उन लोगों के लिए नाश्ते का अच्छा विकल्प है जो स्वाद के साथ पोषण का भी ध्यान रखना चाहते हैं। इसे अपनी पसंद की चटनी और सब्जियों के साथ परोसकर नाश्ते को और भी स्वादिष्ट बनाया जा सकता है।