KNEWS DESK- फेस्टिव सीजन में ऑनलाइन शॉपिंग, UPI पेमेंट और डिजिटल ऑफर्स का इस्तेमाल बढ़ जाता है। इसी दौरान साइबर ठग फर्जी कैशबैक, रिफंड, डिस्काउंट, डिलीवरी अपडेट और कस्टमर केयर कॉल के जरिए लोगों को निशाना बना सकते हैं। कुछ आसान सावधानियां अपनाकर ऑनलाइन फ्रॉड से बचा जा सकता है।
फेस्टिव सीजन शुरू होते ही ऑनलाइन शॉपिंग और डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ जाता है। मोबाइल पर सेल, डिस्काउंट और कैशबैक से जुड़े मैसेज आने लगते हैं। इसके अलावा ऑनलाइन ऑर्डर, डिलीवरी, रिफंड और बैंकिंग से जुड़े अपडेट भी लगातार मिलते रहते हैं। इसी बढ़ी हुई डिजिटल गतिविधि का फायदा साइबर ठग उठाने की कोशिश करते हैं।
त्योहारों के दौरान लोग शॉपिंग, यात्रा और पेमेंट में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में ठग फर्जी ऑफर, कैशबैक, रिफंड या जरूरी अपडेट का झांसा देकर लोगों से जल्दबाजी में कार्रवाई करवा सकते हैं। Quick Heal की India Cyber Threat Report 2025 के अनुसार, भारत में 8.44 मिलियन एंडपॉइंट्स पर 369.01 मिलियन मालवेयर डिटेक्शन दर्ज किए गए। यानी औसतन हर मिनट 702 डिटेक्शन हुए। ऐसे में फेस्टिव सीजन के दौरान ऑनलाइन लेनदेन करते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
1. किसी ऑफर के लिंक पर तुरंत क्लिक न करें
त्योहारी सीजन में ‘सिर्फ आज’, ‘लिमिटेड कैशबैक’ और ‘अभी रिवॉर्ड क्लेम करें’ जैसे मैसेज खूब देखने को मिलते हैं। ऐसे मैसेज का उद्देश्य कई बार यूजर को बिना सोचे-समझे तुरंत लिंक खोलने के लिए प्रेरित करना होता है। WhatsApp, SMS, ईमेल या सोशल मीडिया पर मिले किसी भी ऑफर के लिंक पर क्लिक करने से पहले उसे ध्यान से जांचें। वेबसाइट के नाम में गलती, अजीब URL, अनजान अटैचमेंट या व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी मांगने वाले मैसेज से सावधान रहें। फर्जी शॉपिंग वेबसाइट असली वेबसाइट की तरह दिखाई दे सकती है। इसलिए किसी मैसेज में दिए लिंक से शॉपिंग करने के बजाय संबंधित कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट या ऐप खुद खोलकर ऑफर की जांच करें।
2. UPI से पेमेंट करते समय जल्दबाजी न करें
फेस्टिव सीजन में UPI से लेनदेन बढ़ने के साथ UPI फ्रॉड का खतरा भी बढ़ सकता है। ठग रिफंड, कैशबैक या इनाम का लालच देकर आपसे पेमेंट अप्रूव करने या QR कोड स्कैन करने के लिए कह सकते हैं। ध्यान रखें कि UPI से पैसे प्राप्त करने के लिए UPI PIN डालने की जरूरत नहीं होती। अगर कोई व्यक्ति रिफंड या इनाम के नाम पर QR कोड स्कैन करने या कलेक्ट रिक्वेस्ट स्वीकार करने के लिए कहता है, तो सावधान रहें। किसी भी पेमेंट से पहले रिसीवर का नाम और रकम जरूर जांचें। कुछ भी संदिग्ध लगने पर ट्रांजैक्शन रोक दें और संबंधित कंपनी या संस्था के आधिकारिक माध्यम से जानकारी हासिल करें।
3. फर्जी कस्टमर केयर और फिशिंग से रहें सावधान
त्योहारों के दौरान ऑनलाइन ऑर्डर बढ़ने के कारण डिलीवरी, ऑर्डर कन्फर्मेशन और रिफंड से जुड़े मैसेज भी ज्यादा आने लगते हैं। साइबर ठग इन्हीं अपडेट का इस्तेमाल फिशिंग के लिए कर सकते हैं। आपको ऐसा मैसेज मिल सकता है कि आपका पार्सल अटक गया है, पेमेंट फेल हो गया है या अकाउंट वेरिफाई करना जरूरी है। मैसेज में दिया गया लिंक आपको ऐसी फर्जी वेबसाइट पर ले जा सकता है, जहां पासवर्ड, कार्ड की जानकारी या दूसरी निजी जानकारी चोरी हो सकती है। ठग फर्जी कस्टमर केयर कर्मचारी बनकर OTP या रिमोट एक्सेस ऐप इंस्टॉल करने के लिए भी कह सकते हैं। ऐसी स्थिति में मैसेज में दिए गए नंबर पर कॉल करने के बजाय संबंधित कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट से कस्टमर केयर नंबर हासिल करें।
4. फोन पर बात करने वाले हर व्यक्ति पर भरोसा न करें
साइबर फ्रॉड सिर्फ लिंक और मैसेज के जरिए ही नहीं होता। ठग बैंक अधिकारी, डिलीवरी एजेंट या कस्टमर केयर कर्मचारी बनकर फोन भी कर सकते हैं। कई बार उनके पास आपके बारे में कुछ सामान्य जानकारी पहले से होती है, जिससे उनकी बात ज्यादा भरोसेमंद लग सकती है। फोन पर कभी भी OTP, UPI PIN, कार्ड PIN या बैंकिंग पासवर्ड साझा न करें। अगर कोई व्यक्ति कहता है कि तुरंत कार्रवाई नहीं की तो बैंक अकाउंट ब्लॉक हो जाएगा, पेमेंट फेल हो जाएगा या कोई रिवॉर्ड खत्म हो जाएगा, तो सतर्क हो जाएं। साइबर ठग अक्सर डर या जल्दबाजी का माहौल बनाकर लोगों से गलत फैसला करवाने की कोशिश करते हैं।
5. फेस्टिव सीजन से पहले फोन को रखें सुरक्षित
त्योहारी सीजन में स्मार्टफोन का इस्तेमाल ऑनलाइन शॉपिंग, UPI पेमेंट, यात्रा की बुकिंग और बातचीत के लिए काफी बढ़ जाता है। इसलिए फोन की सुरक्षा पर भी ध्यान देना जरूरी है। अपने फोन का ऑपरेटिंग सिस्टम और सभी ऐप्स अपडेट रखें। मजबूत स्क्रीन लॉक का इस्तेमाल करें और ऐप्स केवल ऑफिशियल ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें। समय-समय पर फोन में मौजूद ऐप्स की परमिशन भी जांचते रहें। जिन ऐप्स की जरूरत नहीं है, उन्हें फोन से हटा दें। फेस्टिव सीजन में थोड़ी सी सावधानी बरतकर फर्जी कैशबैक, डिस्काउंट, रिफंड और कस्टमर केयर के नाम पर होने वाली साइबर ठगी से बचने की कोशिश की जा सकती है।