FTA के जरिए 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार का लक्ष्य, रक्षा, परमाणु ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और AI में सहयोग बढ़ाने पर जोर
Knews Desk– भारत और स्विट्जरलैंड ने सोमवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में व्यापार, निवेश, रक्षा, परमाणु ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर, विज्ञान और तकनीक सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्विस परिसंघ के अध्यक्ष गाय पार्मेलिन की मौजूदगी में दोनों देशों ने द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और यूरोपीय फ्री ट्रेड एसोसिएशन (EFTA) देशों के बीच ट्रेड एंड इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट भारत और किसी यूरोपीय आर्थिक समूह के बीच पहला FTA है। इसके तहत अगले 15 वर्षों में भारत में 100 अरब डॉलर के निवेश और 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार का लक्ष्य रखा गया है।
मोदी ने कहा कि भारत और स्विट्जरलैंड के संबंधों में इनोवेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी अहम स्तंभ हैं। दोनों देशों ने रक्षा उत्पादन और सैन्य आदान-प्रदान के साथ परमाणु ऊर्जा में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। भारत ने स्विट्जरलैंड की इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों को निवेश और क्षमता निर्माण के लिए आमंत्रित किया है।
विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में हेल्थ, क्लीन एनर्जी और स्पेस जैसे क्षेत्रों में संयुक्त रिसर्च प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे। ज्यूरिख यूनिवर्सिटी के साथ भारतीय साइंस स्टार्टअप्स की क्षमता निर्माण के लिए हुए समझौते का भी स्वागत किया गया।
माइग्रेशन एंड मोबिलिटी पार्टनरशिप और यंग प्रोफेशनल्स एग्रीमेंट के जरिए भारतीय छात्रों, शोधकर्ताओं और युवाओं के लिए स्विट्जरलैंड में नए अवसर खुलने की उम्मीद है। 7 अक्टूबर को भारत-EFTA बिजनेस लीडर्स के साथ प्रॉस्पेरिटी समिट भी आयोजित किया जाएगा। AI के क्षेत्र में जिम्मेदार और मानव-केंद्रित तकनीक के लिए दोनों देशों ने मिलकर काम करने की बात कही है।