संसदीय समितियों में बड़ा फेरबदल, किसे मिली नई जिम्मेदारी और किसकी गई कुर्सी? देखें पूरी लिस्ट

Knews Desk – संसद की विभाग-संबंधी स्थायी समितियों का 2026-27 के लिए पुनर्गठन किया गया है। इसमें कई समितियों के अध्यक्षों में बदलाव हुआ है, जबकि कई मौजूदा अध्यक्षों को दोबारा जिम्मेदारी दी गई है।

बीजेपी सांसद सुधीर गुप्ता को रेलवे संबंधी संसदीय समिति का नया अध्यक्ष बनाया गया है। वह सीएम रमेश की जगह लेंगे। वहीं बीजेपी के राधा मोहन सिंह को रक्षा संबंधी संसदीय समिति की जिम्मेदारी दी गई है। डीएमके सांसद कनिमोझी करुणानिधि को उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण समिति की अध्यक्षता के लिए फिर नियुक्त किया गया है।

कांग्रेस सांसद सप्तगिरी शंकर उलाका को ग्रामीण विकास और पंचायती राज समिति के अध्यक्ष पद पर दोबारा नियुक्त किया गया है। बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी जल संसाधन संबंधी संसदीय समिति के अध्यक्ष बने रहेंगे। वहीं बीजेपी के भर्तृहरि महताब वित्त संबंधी संसदीय समिति के अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे।

इन नेताओं को भी मिली दोबारा जिम्मेदारी

शिवसेना के श्रीरंग बारणे को ऊर्जा संबंधी संसदीय समिति का अध्यक्ष फिर नियुक्त किया गया है। बीजेपी के राधा मोहन दास अग्रवाल गृह मामलों संबंधी समिति और निशिकांत दुबे संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी समिति के अध्यक्ष बने रहेंगे। मेधा विश्राम कुलकर्णी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन संबंधी समिति की अध्यक्ष बनी रहेंगी।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर को विदेश मामलों की समिति का अध्यक्ष फिर नियुक्त किया गया है। चरणजीत सिंह चन्नी कृषि समिति के अध्यक्ष बने रहेंगे। जेडीयू के संजय कुमार झा को परिवहन, पर्यटन और संस्कृति संबंधी समिति का अध्यक्ष दोबारा नियुक्त किया गया है। बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर भी कोयला, खदान और इस्पात संबंधी समिति के अध्यक्ष बने रहेंगे।

TMC के अध्यक्ष पदों में बदलाव

पुनर्गठन में तृणमूल कांग्रेस से जुड़े दो समिति अध्यक्ष पदों में बदलाव हुआ है। रसायन और उर्वरक संबंधी समिति में काकोली घोष दस्तीदार को नया अध्यक्ष बनाया गया है। उन्होंने TMC सांसद कीर्ति आजाद की जगह ली है। वहीं वाणिज्य संबंधी समिति की अध्यक्षता भी TMC से बीजेपी के सुधांशु त्रिवेदी के पास चली गई है।

संसदीय विभाग-संबंधी स्थायी समितियां संबंधित मंत्रालयों के बजट, विधेयकों और नीतियों की समीक्षा करती हैं। लोकसभा की आधिकारिक जानकारी के अनुसार ऐसी 24 समितियां हैं, जिनमें 21 सदस्य लोकसभा और 10 सदस्य राज्यसभा से होते हैं और इनका कार्यकाल एक वर्ष से अधिक नहीं होता।

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