KNEWS DESK- हरियाणा के झज्जर के रहने वाले पहलवान अमन सहरावत ने एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया है। अमन की यह कामयाबी इसलिए भी खास है, क्योंकि इसके पीछे संघर्ष और मुश्किलों से भरी कहानी है। उन्होंने छोटी उम्र में ही अपने माता-पिता को खो दिया था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने कुश्ती के अपने सफर को जारी रखा और अब एशियन गेम्स के मंच पर देश के लिए स्वर्ण पदक जीता।
अमन ने महज 10 साल की उम्र में अपनी मां को खो दिया था। इसके ठीक एक साल बाद उनके पिता का भी निधन हो गया। इतनी कम उम्र में माता-पिता का साथ छूट जाने के बाद अमन के जीवन में मुश्किलों का दौर शुरू हुआ। इसके बावजूद उन्होंने खुद को संभाला और कुश्ती को अपने जीवन का हिस्सा बनाया।
अमन सहरावत ने मेहनत और लगन के दम पर कुश्ती में अपनी पहचान बनाई। लगातार अभ्यास और प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करते हुए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी जगह मजबूत की। अब एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतना उनके करियर की बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गया है।
एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के बाद अमन की कहानी एक बार फिर चर्चा में है। बेहद कम उम्र में माता-पिता को खोने के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया। उनकी यह उपलब्धि बताती है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद लगातार मेहनत और खेल के प्रति समर्पण के जरिए बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।