Knews Desk– सुजीत कलकल के लिए यह मुकाबला बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। पुरुष 65 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग के फाइनल में उनका सामना ताजिकिस्तान के अब्दुलमाजिद कुदिएव से हुआ। शुरुआत में ताजिक पहलवान ने मुकाबले पर अपनी पकड़ बनाए रखी और सुजीत को लगातार पीछे रखा। पहले राउंड के समाप्त होने के बाद सुजीत 2-4 से पीछे थे।दूसरे राउंड में अब्दुलमाजिद कुदिएव ने अपनी बढ़त को और मजबूत कर लिया। एक समय स्कोर 9-2 हो गया था। इस स्थिति में मुकाबला सुजीत के हाथ से निकलता हुआ नजर आ रहा था। उनके सामने सात अंकों की बड़ी चुनौती थी और मुकाबला खत्म होने में भी ज्यादा समय नहीं बचा था। हालांकि, सुजीत ने हार नहीं मानी और आखिरी मिनटों में पूरी ताकत के साथ वापसी शुरू कर दी।
चार टेकडाउन से बदली तस्वीर
मुकाबले के आखिरी दो मिनट में सुजीत कलकल ने लगातार चार टेकडाउन किए। हर टेकडाउन से उन्हें दो-दो अंक मिले। इस तरह उन्होंने तेजी से स्कोर में अंतर कम किया। 2-9 से पिछड़ रहे सुजीत ने लगातार अंक हासिल करते हुए स्कोर को 8-9 तक पहुंचा दिया।अब ताजिकिस्तान के पहलवान के पास केवल एक अंक की बढ़त रह गई थी। मुकाबले में बेहद कम समय बचा था और सुजीत को स्वर्ण पदक हासिल करने के लिए निर्णायक दांव लगाने की जरूरत थी। इस समय सुजीत ने अपना संयम बनाए रखा और सही मौके का इंतजार किया।
आखिरी 10 सेकंड में पलटी बाजी
मुकाबले के आखिरी 10 सेकंड में सुजीत कलकल ने एक और शानदार टेकडाउन कर दिया। इस दांव के साथ उन्हें दो अंक मिले और स्कोर 10-9 हो गया। इसी के साथ सुजीत ने मुकाबले में पहली बार बढ़त हासिल की और अंतिम सीटी तक इसे कायम रखा।इस तरह सुजीत ने 9-2 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए मुकाबला 10-9 से अपने नाम कर लिया। आखिरी कुछ मिनटों में उनकी लगातार आक्रामकता ने मुकाबले का पूरा रुख बदल दिया। चार टेकडाउन के जरिए उन्होंने पहले सात अंकों के अंतर को खत्म किया और फिर आखिरी 10 सेकंड में निर्णायक दो अंक हासिल कर स्वर्ण पदक जीत लिया।सुजीत कलकल की यह जीत एशियन गेम्स 2026 में भारतीय कुश्ती के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। फाइनल मुकाबले में उन्होंने न केवल शानदार तकनीकी प्रदर्शन किया, बल्कि मुश्किल स्थिति में धैर्य बनाए रखते हुए आखिरी क्षण तक मुकाबला जारी रखा। 2-9 से पिछड़ने के बावजूद सुजीत ने जिस तरह वापसी की, वह इस फाइनल मुकाबले का सबसे खास पल रहा।ताजिकिस्तान के अब्दुलमाजिद कुदिएव के खिलाफ 10-9 की यह जीत सुजीत कलकल को एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक दिलाने में कामयाब रही। आखिरी डेढ़ मिनट में लगातार अंक जुटाने और अंतिम 10 सेकंड में निर्णायक टेकडाउन करने के साथ सुजीत ने भारत के खाते में एक और गोल्ड मेडल जोड़ दिया।