Knews Desk– केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 10वीं बोर्ड एग्जाम 2027 में शामिल होने वाले स्टूडेंट्स के लिए बड़ा अपडेट जारी किया है। सीबीएसई ने 10वीं बोर्ड परीक्षा के पासिंग क्राइटेरिया में बदलाव करने के अपने अप्रैल 2026 के फैसले को वापस ले लिया है। अब बोर्ड परीक्षा में पुरानी व्यवस्था के तहत कुल 33 फीसदी अंक हासिल करने वाले स्टूडेंट्स को पास माना जाएगा।
सीबीएसई ने अप्रैल 2026 में 10वीं बोर्ड एग्जाम 2027 के पासिंग क्राइटेरिया में बदलाव की जानकारी दी थी। उस समय बोर्ड ने स्पष्ट किया था कि 10वीं की बोर्ड परीक्षा में स्टूडेंट्स को प्रत्येक विषय में 33 फीसदी अंक हासिल करने होंगे। इसमें एक्सटर्नल और इंटरनल असेसमेंट में भी 33 फीसदी अंक प्राप्त करना अनिवार्य किया गया था।हालांकि, अब सीबीएसई ने अपने इस फैसले को वापस ले लिया है। बोर्ड की ओर से जारी नए सर्कुलेशन में स्पष्ट किया गया है कि बोर्ड एग्जाम 2027 के लिए क्वेश्चन पेपर के डिजाइन और असेसमेंट के तरीके में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। साथ ही पासिंग क्राइटेरिया भी एकेडमिक सेशन 2025-26 में लागू व्यवस्था के अनुसार ही रहेगा।
पुरानी व्यवस्था के तहत 10वीं बोर्ड परीक्षा में पास होने के लिए स्टूडेंट्स को कुल 33 फीसदी अंक हासिल करने होते हैं। इसमें प्रत्येक विषय में अलग-अलग 33 फीसदी अंक हासिल करना अनिवार्य नहीं था। सीबीएसई ज्यादातर विषयों में 80-20 वेटेज का फॉर्मूला अपनाता है। इसमें 80 अंक बोर्ड परीक्षा और 20 अंक स्कूल असेसमेंट के आधार पर निर्धारित किए जाते हैं।ऐसे में अप्रैल में किए गए बदलाव के बाद स्टूडेंट्स और अभिभावकों के बीच पासिंग क्राइटेरिया को लेकर नई स्थिति बनी थी। नए नियम के अनुसार प्रत्येक विषय में एक्सटर्नल और इंटरनल असेसमेंट के स्तर पर भी निर्धारित अंक हासिल करने की जरूरत होती। अब बोर्ड ने इस व्यवस्था को फिलहाल वापस ले लिया है और पुरानी व्यवस्था को ही जारी रखने का फैसला किया है।
माना जा रहा है कि सीबीएसई के इस फैसले के पीछे ऑन स्क्रीन मार्किंग यानी OSM से जुड़ा विवाद भी एक अहम वजह हो सकता है। सीबीएसई ने पिछले साल से 12वीं की कॉपियों की जांच OSM सिस्टम के जरिए की थी। इस दौरान सामने आई तकनीकी दिक्कतों के कारण 12वीं का रिजल्ट जारी होने में देरी हुई थी। इसके अलावा 12वीं के पासिंग पर्सेंटेज में भी कमी दर्ज की गई थी।ऐसे में माना जा रहा है कि अगर 10वीं बोर्ड परीक्षा में नया पासिंग क्राइटेरिया लागू किया जाता, तो प्रत्येक विषय में अलग-अलग 33 फीसदी अंक हासिल करने की अनिवार्यता के कारण पास होने वाले स्टूडेंट्स की संख्या प्रभावित हो सकती थी। इसी को देखते हुए सीबीएसई ने नए पासिंग क्राइटेरिया को फिलहाल टालने का फैसला किया है।फिलहाल 10वीं बोर्ड एग्जाम 2027 में स्टूडेंट्स के लिए पुराना पासिंग क्राइटेरिया ही लागू रहेगा। यानी कुल 33 फीसदी अंक हासिल करने वाले स्टूडेंट्स को पास माना जाएगा। नए पासिंग क्राइटेरिया को आगे 2027-28 में लागू किए जाने की संभावना बताई जा रही है