Knews Desk– आईसीसी के नए नियमों में समय बर्बाद करने से लेकर ओवरथ्रो, डेड बॉल और रन-आउट तक कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। बल्लेबाजों के लिए समय सीमा का पालन करना अब और महत्वपूर्ण हो गया है। अगर कोई बल्लेबाज निर्धारित समय के भीतर गेंद का सामना करने के लिए तैयार नहीं होता है, तो पहली गलती पर चेतावनी दी जाएगी। दूसरी गलती पर अंतिम चेतावनी मिलेगी, जबकि तीसरी और उसके बाद की हर गलती पर फील्डिंग टीम को 5 पेनल्टी रन दिए जाएंगे। लगातार नियम तोड़ने पर कोड ऑफ कंडक्ट के तहत भी कार्रवाई हो सकती है।
महिला और जूनियर क्रिकेट में इस्तेमाल होने वाली गेंदों के लिए भी नए मानक तय किए गए हैं। अब पुरुष क्रिकेट की तरह महिला और जूनियर क्रिकेट के लिए गेंद के वजन और आकार की तीन अलग-अलग कैटेगरी होंगी। महिला क्रिकेट की गेंदों के लिए अधिक सख्त टॉलरेंस सीमा लागू की गई है।ओवरथ्रो और मिसफील्ड को लेकर भी नियम स्पष्ट किए गए हैं। स्टंप्स की ओर रन रोकने या रन-आउट करने के इरादे से फेंकी गई गेंद को ओवरथ्रो माना जाएगा। वहीं गेंद को रोकने या किसी दूसरे फील्डर को पास करने के दौरान हुई गलती को मिसफील्ड माना जाएगा। अंपायर के पास यह तय करने का अधिकार भी होगा कि गेंद कब डेड या सेटल्ड हो चुकी है। इसके लिए गेंद का गेंदबाज या विकेटकीपर के हाथ में होना जरूरी नहीं होगा।
रन-आउट और स्टंपिंग के मामलों में भी गेंद पर नियंत्रण को लेकर नियम बदला गया है। विकेट गिराने के समय सिर्फ हाथ का गेंद से संपर्क होना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि फील्डर के पास गेंद पर पूरा नियंत्रण होना जरूरी होगा।टेस्ट क्रिकेट में भी बड़ा बदलाव किया गया है। खराब रोशनी के कारण दिन के टेस्ट मैचों में खेल रुकने की समस्या से बचने के लिए दोनों टीमें आपसी सहमति से पिंक बॉल के इस्तेमाल पर सहमत हो सकती हैं। यह फैसला मैच शुरू होने से पहले लेना होगा और मैच के दौरान लाल गेंद से पिंक गेंद में बदलाव नहीं किया जा सकेगा।
दिन के आखिरी ओवर को लेकर भी नियम बदला गया है। अगर अंतिम ओवर में विकेट गिर जाता है और उस ओवर की कुछ गेंदें बाकी हैं, तो दिन का खेल तुरंत समाप्त नहीं होगा। बची हुई गेंदें उसी दिन पूरी की जाएंगी।वनडे और टी20 इंटरनेशनल में भी कई बदलाव किए गए हैं। वाइड को लेकर बल्लेबाज की शुरुआती स्थिति को संदर्भ बिंदु माना जाएगा। ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान वनडे और टी20 इंटरनेशनल में हेड कोच को मैदान पर आकर खिलाड़ियों से रणनीति साझा करने की आधिकारिक अनुमति होगी। वहीं टी20 इंटरनेशनल में दोनों पारियों के बीच 15 मिनट का निर्धारित ब्रेक होगा, जिसे समय की बर्बादी की स्थिति में 10 मिनट तक कम किया जा सकता है।इन बदलावों के जरिए आईसीसी ने खेल में स्पष्टता, समय प्रबंधन और नियमों के एकरूप इस्तेमाल पर जोर दिया है।