इंटरनेट पर WhatsApp को लेकर चर्चा है कि 1 अक्टूबर 2026 से मैसेज भेजने पर 14 पैसे तक देने होंगे। हालांकि, यह बदलाव आम WhatsApp यूजर्स के लिए नहीं है। नए चार्ज Meta के WhatsApp Business API का इस्तेमाल करने वाली कंपनियों और बड़े बिजनेस अकाउंट्स पर लागू होंगे।
Knews Desk– WhatsApp पर मैसेज भेजने के लिए पैसे लगने की खबर के बाद आम यूजर्स के बीच भ्रम की स्थिति है। Meta की नई प्राइसिंग व्यवस्था के मुताबिक 1 अक्टूबर 2026 से WhatsApp Business API के मैसेजिंग नियमों में बदलाव होने जा रहा है। इसका असर मुख्य रूप से उन कंपनियों, बैंकों, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और बड़े स्टार्टअप्स पर पड़ेगा, जो ग्राहकों को बड़े पैमाने पर ऑटोमेटेड मैसेज भेजते हैं।
आम लोगों को WhatsApp पर मैसेज भेजने के लिए किसी तरह का भुगतान नहीं करना होगा। WhatsApp सामान्य यूजर्स के लिए पहले की तरह मुफ्त रहेगा। यहां तक कि अगर कोई व्यक्ति किसी बिजनेस WhatsApp अकाउंट से चैट करता है, तब भी उससे इन मैसेज के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
नए नियमों के तहत भुगतान की जिम्मेदारी उन बिजनेस अकाउंट्स की होगी, जो WhatsApp Business API के जरिए ग्राहकों को ऑटोमेटेड मैसेज भेजते हैं।
किन मैसेज पर कंपनियों को देना होगा चार्ज?
जब किसी बैंक की तरफ से बैलेंस अलर्ट, किसी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की तरफ से ऑर्डर या डिलीवरी अपडेट अथवा किसी कंपनी की तरफ से OTP भेजा जाता है, तो ऐसे मैसेज के लिए संबंधित बिजनेस को Meta को भुगतान करना होगा।
Meta ने 1 जुलाई 2025 से पुराने 24 घंटे वाले कन्वर्सेशन बेस्ड मॉडल को खत्म कर प्रति मैसेज चार्जिंग व्यवस्था शुरू की थी। अब 1 अक्टूबर 2026 से इसमें एक और बदलाव लागू होगा।
कस्टमर सपोर्ट विंडो के दौरान भेजे जाने वाले यूटिलिटी मैसेज पर भी शुल्क लागू होगा। इसके अलावा तय फ्री लिमिट से अधिक सर्विस मैसेज भेजने पर कंपनियों को भुगतान करना पड़ेगा।
हर महीने 1000 मैसेज की फ्री लिमिट
कस्टमर केयर और सपोर्ट से जुड़े सर्विस मैसेज के लिए प्रत्येक बिजनेस फोन नंबर को महीने में 1000 मैसेज की फ्री लिमिट मिलेगी। इस सीमा के बाद भेजे जाने वाले मैसेज पर प्रति मैसेज शुल्क देना होगा।
वहीं, पहले कस्टमर की ओर से मैसेज आने के बाद 24 घंटे की विंडो के भीतर भेजे जाने वाले कुछ यूटिलिटी मैसेज मुफ्त थे। 1 अक्टूबर से ऐसे मैसेज पर भी चार्ज लागू होगा।
मार्केटिंग मैसेज पर सबसे ज्यादा शुल्क
Meta की प्राइसिंग के मुताबिक मार्केटिंग कैटेगरी के मैसेज पर कंपनियों को सबसे ज्यादा भुगतान करना होगा। ऑफर, सेल और प्रमोशनल ब्रॉडकास्ट जैसे मैसेज के लिए करीब 0.86 रुपये प्रति मैसेज का शुल्क बताया गया है।
वहीं ऑर्डर स्टेटस, डिलीवरी अपडेट और लॉगइन पासवर्ड यानी OTP जैसे मैसेज के लिए करीब 11.5 पैसे प्रति मैसेज का चार्ज होगा। GST जोड़ने के बाद इसकी कुल लागत करीब 14 पैसे प्रति मैसेज हो जाएगी।
इसलिए 1 अक्टूबर से WhatsApp के सभी यूजर्स से मैसेज भेजने के पैसे लिए जाने की बात सही नहीं है। यह बदलाव मुख्य रूप से WhatsApp Business API का इस्तेमाल करने वाले बड़े बिजनेस और कंपनियों की मैसेजिंग लागत से जुड़ा है।