दुबई से तेलअवीव जा रहे फ्लाईदुबई के विमान में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब कॉकपिट में मौजूद दो पायलटों के बीच कथित तौर पर हाथापाई हो गई। दावा है कि एक पायलट विमान को क्रैश कराने की कोशिश कर रहा था, जिसे दूसरे पायलट ने रोक दिया। इस दौरान यात्रियों और क्रू मेंबर्स की मदद से आरोपी पायलट को काबू में किया गया।
Knews Desk– इजराइली मीडिया के मुताबिक, विमान में 24 बच्चों समेत कुल 174 लोग सवार थे। घटना के दौरान विमान से एटीसी को संकट का संकेत भेजा गया, जिसके बाद इजराइल में सुरक्षा एजेंसियां और सरकार अलर्ट हो गईं। शुरुआती तौर पर विमान के हाईजैक होने की आशंका जताई गई थी, लेकिन बाद में सामने आई जानकारी में कॉकपिट के अंदर पायलटों के बीच हुए विवाद को घटना की वजह बताया गया।
विमान में मौजूद एक यात्री के मुताबिक, एक पायलट ने कथित तौर पर विमान को क्रैश कराने की कोशिश की। दूसरे पायलट ने उसे रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। स्थिति बिगड़ने पर यात्रियों और क्रू सदस्यों ने दूसरे पायलट की मदद की और संबंधित पायलट को काबू में किया।
इस दौरान कुछ यात्रियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ यात्रियों के शरीर से खून निकल रहा था और विमान के भीतर काफी डर का माहौल बन गया था।
घटना के बाद विमान को मैनुअल कंट्रोल पर लिया गया और उसे सऊदी अरब की दिशा में मोड़ दिया गया। कुछ समय बाद विमान से संपर्क टूट गया। इसी बीच बेन गुरियन एयरपोर्ट पर विमान को उतरने की अनुमति नहीं दी गई और पायलटों की ओर से एयर ट्रैफिक कंट्रोल के संदेशों का जवाब भी नहीं दिया गया। इससे विमान के हाईजैक होने की आशंका और बढ़ गई।
हालांकि, बाद में विमान सऊदी अरब में सुरक्षित उतर गया और स्थिति सामान्य हो गई।
इजराइली महिला नोआम ने चैनल-12 को बताया कि कॉकपिट से सबसे पहले चिल्लाने की आवाजें सुनाई दी थीं। उसके मुताबिक, एक पायलट को चाकू से मारे जाने की बात भी सामने आई। इसके बाद कॉकपिट में चीख-पुकार मच गई और विमान अचानक नीचे की ओर जाने लगा। हालात देखकर यात्रियों में दहशत फैल गई और कई लोग प्रार्थना करने लगे।