पत्रकारों के सामाजिक सुरक्षा कवच के लिए डॉ. राजेश्वर सिंह की पहल, वरिष्ठ पत्रकारों को पेंशन की मांग

वरिष्ठ पत्रकारों को नियमित मासिक पेंशन और दिवंगत पत्रकारों के आश्रित परिवारों को ₹25 हजार प्रतिमाह पारिवारिक पेंशन देने का मुख्यमंत्री से अनुरोध

Knews Desk – लखनऊ। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अनुस्मारक पत्र भेजकर प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकारों और दिवंगत पत्रकारों के आश्रित परिवारों के लिए पेंशन योजना शुरू करने का अनुरोध किया है।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने पेंशन व्यवस्था को लेकर निम्न प्रस्ताव रखे हैं।

♦️ 60 वर्ष से अधिक आयु के पात्र वरिष्ठ पत्रकारों को नियमित मासिक पेंशन दी जाए।

♦️ सेवाकाल में पत्रकार की असामयिक मृत्यु होने पर उसकी विधवा या पात्र आश्रित परिवार को न्यूनतम ₹25 हजार प्रतिमाह पारिवारिक पेंशन दी जाए।

♦️ दिवंगत पत्रकार की विधवा अथवा पात्र आश्रित परिवार को कम से कम पांच वर्ष तक ₹25 हजार प्रतिमाह की पारिवारिक पेंशन दी जा सकती है।

♦️ आवश्यकता के अनुसार पारिवारिक पेंशन की अवधि पांच से दस वर्ष तक रखी जा सकती है।

♦️ विशेष रूप से 50 वर्ष से कम आयु में दिवंगत होने वाले पत्रकारों का जिला-वार और आयु-वार प्रमाणिक अभिलेख तैयार कराया जाए।

♦️ पेंशन व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और ऑनलाइन बनाया जाए।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने अधिवक्ताओं के उपचार के लिए आर्थिक सहायता तथा पत्रकारों के संकटग्रस्त परिवारों के लिए पत्रकार कल्याण कोष को मजबूत करने के प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पत्रकार लंबे समय तक जनहित से जुड़े मुद्दों को समाज और शासन के सामने उठाते हैं, इसलिए उनके और उनके परिवारों के लिए प्रभावी सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था आवश्यक है।

डॉ. सिंह ने बताया कि उन्होंने लखनऊ के दिवंगत पत्रकारों विधि सिंह, मोहम्मद इरफान और नीरज श्रीवास्तव के परिवारों से मिलकर संवेदना व्यक्त की तथा बच्चों की शिक्षा के लिए सीएसआर के माध्यम से प्रत्येक परिवार को ₹1 लाख की सहायता उपलब्ध कराई। उन्होंने कहा कि यह सहायता अपूरणीय क्षति की भरपाई नहीं कर सकती, लेकिन संकट की घड़ी में परिवार के साथ खड़े होने का संदेश जरूर देती है।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि जीवनभर जनहित की आवाज उठाने वाले पत्रकारों और उनके परिवारों को कठिन समय में अकेला नहीं रहना चाहिए और उनके लिए मजबूत सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए।

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