गया पितृपक्ष मेला 2026: श्रद्धालुओं की मदद के लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम, एक कॉल पर मिलेगी जरूरी जानकारी

गया में 25 सितंबर से शुरू होने वाले पितृपक्ष मेले को लेकर प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम, ई-समाधान-आईवीआरएस हेल्पलाइन, खोया-पाया केंद्र और ई-पिंडदान समेत कई विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।

Knews Desk– गया को मोक्ष की नगरी कहा जाता है और यहां हर साल आयोजित होने वाला विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। पितृपक्ष मेला 2026 की शुरुआत 25 सितंबर से होगी। इस बार सामान्य श्रद्धालुओं के लिए मेला 16 दिनों तक चलेगा, जबकि त्रैपाक्षिक श्राद्ध करने वाले श्रद्धालु 17 दिनों तक पिंडदान कर सकेंगे। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुविधाओं और सुरक्षा को लेकर व्यापक इंतजाम किए हैं।

श्रद्धालुओं की सहायता के लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय किए गए हैं। विष्णुपद स्थित संवास सदन में मगध प्रमंडल आयुक्त सफीना एएन और डीएम शशांक शुभंकर ने फीता काटकर कंट्रोल रूम का उद्घाटन किया। श्रद्धालुओं के लिए ई-समाधान-आईवीआरएस नंबर 9266628168 जारी किया गया है।

इस नंबर पर कॉल करने पर श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र, घाट, वेदी, आवासन और यातायात समेत जरूरी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी मिल सकेगी। किसी तरह की समस्या होने पर इसी माध्यम से शिकायत भी दर्ज कराई जा सकेगी। आईवीआरएस के जरिए संबंधित वरीय अधिकारियों के नंबर से लाइनअप की व्यवस्था की गई है, जिससे शिकायत को तत्काल जिम्मेदार अधिकारी तक पहुंचाया जा सके। मेले के दौरान एक साथ बड़ी संख्या में कॉल आने की स्थिति में भी उन्हें रिसीव करने की व्यवस्था की गई है।

कंट्रोल रूम में एक मेन लाइन के साथ चार हंटिंग लाइन लगाई गई हैं। श्रद्धालुओं को मौके पर ही सहायता उपलब्ध कराने के लिए देवघाट और अक्षयवट पर अस्थायी कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं। इन स्थानों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था रहेगी। भीड़ वाले घाटों और वेदियों पर लगातार घोषणाओं के जरिए श्रद्धालुओं को मार्ग, यातायात, आवासन और अन्य जरूरी सूचनाएं दी जाएंगी।

मेले में परिजनों से बिछड़ने वाले श्रद्धालुओं की सहायता के लिए खोया-पाया केंद्र भी सक्रिय कर दिए गए हैं। इसके अलावा बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम की ओर से श्रद्धालुओं की आस्था और सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई पैकेज पेश किए गए हैं। इन पैकेज में पिकअप और ड्रॉप की सुविधा के साथ पिंडदान, पूजा सामग्री, आवास और भोजन की व्यवस्था शामिल है।

पैकेज के तहत श्रद्धालुओं को सेडान या हैचबैक कार से निर्धारित स्थानों तक ले जाया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए विशेष ई-पिंडदान पैकेज भी तैयार किया गया है, जिसकी कीमत 23 हजार रुपये है। यह सुविधा पंडा श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराएंगे। इसके तहत धार्मिक अनुष्ठान की पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी और बाद में उसकी पेन ड्राइव तैयार कर श्रद्धालु को दी जाएगी। इससे श्रद्धालु पिंडदान की पूरी प्रक्रिया की यादों को डिजिटल रूप में सुरक्षित रख सकेंगे।

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