Knews Desk बिहार में TET और STET के आधार पर नियुक्त शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग ने जरूरी निर्देश जारी किया है। विभाग ने साल 2015 तक नियुक्त ऐसे शिक्षकों के वेरिफाइड प्रमाणपत्रों का रिकॉर्ड दोबारा उपलब्ध कराने को कहा है। यह कार्रवाई निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की जांच से जुड़ी हुई है। जिला स्तर पर सभी नियोजन इकाइयों से संबंधित शिक्षकों की सूची और उनके सत्यापित प्रमाणपत्र मांगे गए हैं।जिला कार्यक्रम पदाधिकारी यानी DPO स्थापना की ओर से जारी निर्देश में सभी नियोजन इकाइयों को ब्लॉकवार शिक्षकों के वेरिफाइड प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसमें उन शिक्षकों के दस्तावेज भी शामिल हैं, जिनकी नियुक्ति TET और STET के आधार पर साल 2015 तक हुई थी। विभाग की ओर से संबंधित रिकॉर्ड को निर्धारित प्रक्रिया के तहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा TET के आधार पर BPSC के माध्यम से नियुक्त शिक्षकों और दूसरे जिलों में स्थानांतरित हो चुके शिक्षकों की जानकारी भी मांगी गई है। सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों यानी BEO को एक सप्ताह के भीतर संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। रिकॉर्ड में नियुक्ति के समय जमा किए गए शैक्षणिक और प्रशैक्षणिक प्रमाणपत्र भी शामिल होंगे।दरअसल, बिहार में नियोजित शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच निगरानी विभाग की ओर से लंबे समय से की जा रही है। साल 2015 से इस दिशा में जांच चल रही है। मुजफ्फरपुर में 400 से ज्यादा शिक्षकों की नियुक्ति कथित तौर पर फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर किए जाने का मामला सामने आया था। कुछ मामलों में FIR भी दर्ज की गई थी। इसी जांच प्रक्रिया के तहत अब वेरिफाइड रिकॉर्ड दोबारा जुटाए जा रहे हैं।
वहीं, बिहार के प्राथमिक स्कूलों में B.Ed के आधार पर नियुक्त शिक्षकों के लिए भी महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया गया है। राज्य के 7569 शिक्षकों को छह महीने का ब्रिज कोर्स पूरा करना होगा। इस कोर्स के लिए कुल 8290 शिक्षकों ने आवेदन किया था, जबकि 7845 आवेदन फीस के साथ जमा किए गए। 200 से ज्यादा शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच अभी पूरी नहीं हुई है।यह ब्रिज कोर्स नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग यानी NIOS के माध्यम से कराया जा रहा है। कोर्स की अवधि छह महीने निर्धारित की गई है। हालांकि शिक्षकों को आधिकारिक तौर पर कोर्स शुरू होने की तारीख से एक साल के भीतर इसे पूरा करना होगा। निर्धारित समयसीमा में ब्रिज कोर्स सफलतापूर्वक पूरा नहीं करने पर संबंधित नियुक्ति अमान्य हो सकती हैइस पूरे मामले में शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों के प्रमाणपत्रों और नियुक्ति से जुड़े रिकॉर्ड को व्यवस्थित तरीके से जुटाया जा रहा है। एक तरफ 2015 तक नियुक्त TET-STET शिक्षकों के वेरिफाइड दस्तावेज दोबारा मांगे गए हैं, वहीं दूसरी तरफ B.Ed के आधार पर प्राथमिक स्कूलों में नियुक्त शिक्षकों के लिए ब्रिज कोर्स पूरा करना जरूरी किया गया है।