नोएडा के हिंडन डूब क्षेत्र में बिजली और पानी की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन 13वें दिन आमरण अनशन में बदल गया है। प्रदर्शनकारियों और विद्युत निगम के बीच बातचीत बेनतीजा रहने के बाद आंदोलन और तेज हो गया है। फिलहाल 31 लोग आमरण अनशन पर बैठे हैं, जबकि बिजली चोरी और अनधिकृत कनेक्शन के मामले में 23 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
Knews Desk- नोएडा के सेक्टर-63 क्षेत्र के हिंडन डूब क्षेत्र में बिजली और पानी की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों का धरना पिछले 13 दिनों से जारी है। पर्थला गांव के पास चल रहे इस आंदोलन के दौरान विद्युत निगम के अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच कई घंटे तक बातचीत हुई, लेकिन बिजली कनेक्शन को लेकर कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई। वार्ता विफल होने के बाद भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर खलीफा ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया और खुद भी आमरण अनशन पर बैठ गए।
बताया जा रहा है कि आंदोलन में अब कुल 31 लोग आमरण अनशन कर रहे हैं। इनमें 23 महिलाएं और 8 पुरुष शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक बिजली और पानी की समस्या का लिखित और स्थायी समाधान नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
दरअसल, हिंडन डूब क्षेत्र में बिजली चोरी और अनधिकृत कनेक्शनों के खिलाफ विद्युत निगम की कार्रवाई के बाद विवाद शुरू हुआ। छिजारसी, चोटपुर और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में बिजली कनेक्शन काटे जाने के बाद स्थानीय परिवारों के सामने बिजली संकट पैदा हो गया। विद्युत निगम की जांच में छिजारसी क्षेत्र में 13 हजार से अधिक अवैध कनेक्शन होने की बात सामने आई थी। इसके बाद विभाग ने बिजली चोरी और नियमों के खिलाफ लगाए गए कनेक्शनों पर कार्रवाई शुरू की।
बिजली की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों ने नियमित मीटर कनेक्शन देने और 24 घंटे बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग उठाई। इसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शनकारियों ने 1 सितंबर को नोएडा विधायक पंकज सिंह के कार्यालय का घेराव भी किया था। लोगों का कहना था कि बिजली कटौती के कारण उन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उनकी समस्या का स्थायी समाधान होना चाहिए।
इसके बाद 7 सितंबर को पर्थला गांव में महापंचायत बुलाई गई। महापंचायत के बाद आंदोलन और तेज हो गया तथा धरना लगातार जारी रहा। अब आमरण अनशन शुरू होने के बाद प्रशासन और विद्युत विभाग के सामने स्थिति को संभालने की चुनौती बढ़ गई है। प्रदर्शन के दौरान कुछ महिलाओं की तबीयत बिगड़ने की बात भी सामने आई है।
इस पूरे मामले में बिजली चोरी और अनधिकृत कनेक्शन को लेकर विद्युत निगम की ओर से एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। विभाग की शिकायत पर 3 जेई समेत कुल 23 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर के बाद स्थानीय लोगों और विद्युत निगम के बीच तनाव और बढ़ गया है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बड़ी संख्या में परिवार बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान हैं। उनका कहना है कि केवल आश्वासन देने के बजाय सरकार और प्रशासन को प्रभावित परिवारों के लिए स्थायी व्यवस्था करनी चाहिए।
वहीं विद्युत निगम का कहना है कि डूब क्षेत्र में की जा रही कार्रवाई का उद्देश्य केवल बिजली कनेक्शन काटना नहीं है। विभाग के मुताबिक, नियमों के तहत पात्र उपभोक्ताओं को बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी चल रही है। निगम का दावा है कि अब तक 300 से अधिक उपभोक्ताओं को वैध बिजली कनेक्शन दिए जा चुके हैं।
विद्युत निगम का कहना है कि बिजली चोरी और अनधिकृत कनेक्शनों पर कार्रवाई नियमों के तहत की जा रही है। साथ ही जिन लोगों को वैध कनेक्शन दिया जा सकता है, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कनेक्शन उपलब्ध कराया जा रहा है।
दूसरी ओर, आंदोलनकारी लिखित आश्वासन और स्थायी समाधान की मांग पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक बिजली और पानी की व्यवस्था को लेकर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आमरण अनशन समाप्त नहीं किया जाएगा। सुखबीर खलीफा ने भी आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
फिलहाल नोएडा के हिंडन डूब क्षेत्र में बिजली और पानी का मुद्दा लगातार गरमाता जा रहा है। प्रशासन, विद्युत निगम और प्रदर्शनकारियों के बीच अगली बातचीत में क्या समाधान निकलता है, इस पर सभी की नजर है।