Knews Desk- पेंशन फंड रेगुलेटर PFRDA ने नेशनल पेंशन सिस्टम के तहत NPS Swasthya के फाइनल ऑपरेशनल नियम जारी कर दिए हैं। इस योजना का उद्देश्य लोगों को रिटायरमेंट के लिए बचत के साथ स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए वित्तीय सुरक्षा देना है। नए नियमों के तहत योग्य मेडिकल खर्चों के लिए NPS Swasthya अकाउंट में जमा योगदान का 25 फीसदी तक पैसा निकाला जा सकेगा। इसके अलावा योजना में 30 लाख रुपये तक का हेल्थ इंश्योरेंस कवर भी उपलब्ध होगा।NPS Swasthya को हेल्थकेयर जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसके तहत NPS Swasthya Investment Account और एक अलग Super Top-up Health Insurance Policy होगी। दोनों आपस में जुड़े होने के बावजूद कानूनी और ऑपरेशनल रूप से अलग रहेंगे। इस योजना में शामिल होने के लिए इंश्योरेंस पॉलिसी लेना जरूरी होगा।
स्वास्थ्य से जुड़े खर्चों के लिए आंशिक निकासी इस योजना की अहम सुविधा है। सब्सक्राइबर योग्य हेल्थकेयर खर्चों के लिए NPS Swasthya अकाउंट में किए गए योगदान का अधिकतम 25 फीसदी निकाल सकेंगे। इसमें तय आउटपेशेंट और इनपेशेंट मेडिकल खर्च शामिल हो सकते हैं। खास बात यह है कि आंशिक निकासी की संख्या पर कोई निश्चित सीमा नहीं रखी गई है और PFRDA ने निकासी के बीच न्यूनतम वेटिंग पीरियड भी तय नहीं किया है।हालांकि, निकासी की राशि सीधे सब्सक्राइबर को नहीं दी जाएगी। मंजूर किए गए हेल्थकेयर खर्चों के भुगतान के लिए रकम अस्पताल, हेल्थकेयर प्रोवाइडर या किसी अन्य योग्य संस्था को दी जाएगी। अगर किसी योग्य इनपेशेंट इलाज का खर्च आंशिक निकासी की सीमा से अधिक हो जाता है, तो कुछ परिस्थितियों में समय से पहले एग्जिट के प्रावधान के तहत NPS Swasthya कॉर्पस का इस्तेमाल किया जा सकता है।
योजना में शुरुआती योगदान भी तय किया गया है। पहले साल के न्यूनतम योगदान में इंश्योरेंस प्रीमियम के अलावा 200 रुपये का सालाना मेंटेनेंस चार्ज और NPS Swasthya अकाउंट में निवेश के लिए 1,000 रुपये शामिल हैं। इसके बाद न्यूनतम योगदान 10 रुपये रखा गया है। NPS Swasthya कॉर्पस को मैनेज करने के लिए सालाना 0.08 फीसदी तक शुल्क और लागू टैक्स लिया जा सकता है।इंश्योरेंस कवर फैमिली फ्लोटर के रूप में उपलब्ध होगा। इसमें सब्सक्राइबर, जीवनसाथी और अधिकतम दो आश्रित बच्चे शामिल होंगे। माता-पिता इस कवर का हिस्सा नहीं होंगे। बीमा में अलग-अलग डिडक्टिबल और सम इंश्योर्ड के विकल्प दिए गए हैं। इनमें 10 हजार रुपये डिडक्टिबल के साथ 1 लाख रुपये, 50 हजार रुपये डिडक्टिबल के साथ 5 लाख रुपये, 1 लाख रुपये डिडक्टिबल के साथ 10 लाख रुपये और 3 लाख रुपये डिडक्टिबल के साथ 30 लाख रुपये का कवर शामिल है।
इस इंश्योरेंस में शामिल होने की उम्र 18 से 70 साल रखी गई है। पॉलिसी की शर्तों और लागू नियमों के अनुसार इसे 85 साल की उम्र तक रिन्यू कराया जा सकता है। पॉलिसी में सामान्य तौर पर 30 दिन का शुरुआती वेटिंग पीरियड होगा। पहले से मौजूद बीमारियों और कुछ खास बीमारियों या प्रक्रियाओं के लिए 12 महीने तक का वेटिंग पीरियड लागू हो सकता है।अगर इंश्योरेंस रिन्यू कराने के लिए NPS Swasthya अकाउंट में पर्याप्त रकम नहीं है, तो पेंशन फंड को रिन्यूअल से 90, 60 और 30 दिन पहले सब्सक्राइबर को अलर्ट करना होगा, जहां ऐसा करना संभव हो। अगर ग्रेस पीरियड के बाद भी प्रीमियम जमा नहीं होता और इंश्योरेंस कवर खत्म हो जाता है, तो NPS Swasthya अकाउंट बंद होकर ‘ऑल सिटिजन मॉडल’ के NPS में शामिल किया जा सकता है।मौजूदा NPS सब्सक्राइबर भी कुछ शर्तों के साथ अपने ‘ऑल सिटिजन मॉडल’ वाले NPS अकाउंट से NPS Swasthya में फंड ट्रांसफर कर सकते हैं। इस तरह नई योजना रिटायरमेंट सेविंग के साथ स्वास्थ्य खर्चों के लिए अलग वित्तीय सुरक्षा उपलब्ध कराने का विकल्प देती है।