शटडाउन के बाद भी बिजली लाइन में दौड़ा करंट, पिथौरागढ़ में लाइनमैन की मौत से मचा हड़कंप

पिथौरागढ़ के बडारी गांव में बिजली की लाइन ठीक करते समय 55 वर्षीय लाइनमैन सुंदर सिंह सौन की जान चली गई. परिजनों का आरोप है कि कंट्रोल रूम से शटडाउन की पुष्टि के बाद ही वह पोल पर चढ़े थे, लेकिन अचानक लाइन में करंट आ गया. घटना के बाद ग्रामीणों ने जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है.

Knews Desk- उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में बिजली की लाइन की मरम्मत के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया. जिला मुख्यालय के पास स्थित बडारी गांव में करंट की चपेट में आने से ऊर्जा निगम के ठेकेदार के अधीन काम करने वाले लाइनमैन सुंदर सिंह सौन की मौत हो गई. हादसे ने बिजली कर्मचारियों की सुरक्षा और शटडाउन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

जानकारी के मुताबिक, विण विकासखंड के बडारी गांव निवासी सुंदर सिंह सौन, पुत्र चंचल सिंह, सोमवार दोपहर बिजली की लाइन में आई खराबी को दूर करने पहुंचे थे. बताया जा रहा है कि मरम्मत शुरू करने से पहले उन्होंने संबंधित कंट्रोल रूम से शटडाउन मांगा था.

परिजनों के अनुसार, शटडाउन की पुष्टि होने के बाद ही सुंदर सिंह पोल पर चढ़े थे. इसी दौरान अचानक बिजली की लाइन में करंट दौड़ गया. करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गए और पोल से नीचे गिर पड़े. हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई.

अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम

हादसे के तुरंत बाद परिजन और ग्रामीण सुंदर सिंह को उपचार के लिए जिला अस्पताल पिथौरागढ़ ले जाने लगे. हालांकि, रास्ते में ही उनकी हालत बिगड़ गई और अस्पताल पहुंचने से पहले उनकी मौत हो गई.

घटना की सूचना मिलने पर ऊर्जा निगम के अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे और मृतक के परिवार से मुलाकात की. हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

इस घटना को लेकर ग्रामीणों और परिजनों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि जब लाइनमैन ने कंट्रोल रूम से शटडाउन लिया था, तो फिर बिजली की लाइन में करंट कैसे आ गया?

ग्रामीणों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि यह पता चल सके कि हादसा तकनीकी खराबी, शटडाउन प्रक्रिया में चूक या किसी अन्य कारण से हुआ. दोष सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की गई है.

विभागीय और विद्युत सुरक्षा विभाग करेगा जांच

ऊर्जा निगम के ईई नितिन सिंह गर्खाल ने जिला अस्पताल पहुंचकर मृतक के परिजनों से मुलाकात की. उन्होंने बताया कि घटना की नियमानुसार जांच कराई जाएगी. विभागीय स्तर पर अधीक्षण अभियंता की ओर से जांच अधिकारी नियुक्त किया जाएगा.

इसके अलावा विद्युत सुरक्षा विभाग के इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर भी हादसे की जांच करेंगे. जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शटडाउन के बावजूद लाइन में करंट आने की वास्तविक वजह क्या थी.

सुंदर सिंह सौन अपने पीछे दो बेटों और एक बेटी को छोड़ गए हैं. उनकी बेटी का विवाह हो चुका है. बड़ा बेटा चालक का काम करता है, जबकि छोटा बेटा अभी बेरोजगार बताया गया है.

परिवार के लिए सुंदर सिंह की अचानक हुई मौत बड़ा सदमा है. वहीं, ग्रामीणों ने पहाड़ी क्षेत्रों में बिजली लाइनों पर काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है.

पहले भी उठ चुके हैं बिजली कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल

स्थानीय लोगों के मुताबिक, पहाड़ी इलाकों में बिजली लाइनों की मरम्मत करने वाले कर्मचारियों को कई बार जोखिम उठाकर काम करना पड़ता है. बेरीनाग क्षेत्र में भी पिछले वर्षों में करंट की चपेट में आने से लाइनमैनों की मौत की घटनाएं सामने आई थीं, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आंदोलन हुए थे.

बडारी गांव की घटना ने एक बार फिर बिजली कर्मचारियों की सुरक्षा और शटडाउन व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब सभी की नजर विभागीय जांच और विद्युत सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट पर है.

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