विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि BRICS देशों ने आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा की और 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले को अस्वीकार्य माना. समिट में सीमा पार आतंकवाद और आतंकवाद के खिलाफ दोहरे मापदंडों को लेकर भी स्पष्ट रुख सामने आया.
Knews Desk- नई दिल्ली में आयोजित BRICS समिट में आतंकवाद के मुद्दे पर भारत को बड़ी कूटनीतिक सफलता मिली है. विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोमवार को कहा कि बैठक के दौरान आतंकवाद के खिलाफ व्यापक सहमति बनी. उन्होंने बताया कि BRICS देशों ने आतंकवाद के हर रूप और उसकी सभी अभिव्यक्तियों की निंदा की.
जयशंकर के मुताबिक, 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुआ आतंकी हमला भी चर्चा में रहा. समूह ने इस हमले को अस्वीकार्य माना और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर जोर दिया.
विदेश मंत्री ने कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए किसी भी तरह के दोहरे मापदंड को स्वीकार नहीं किया जा सकता. BRICS देशों ने आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ कार्रवाई की जरूरत पर सहमति जताई. भारत ने इस दौरान सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया.
समिट में 32 डेलीगेशन ने लिया हिस्सा
जयशंकर ने BRICS समिट में हुई भागीदारी को भारत की कूटनीतिक उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा कि बैठक में कुल 32 डेलीगेशन शामिल हुए. इनमें 11 सदस्य देश, 10 पार्टनर देश, 4 क्षेत्रीय संगठन और 7 अंतरराष्ट्रीय संगठन शामिल थे.
विदेश मंत्री के अनुसार, ज्यादातर प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व राष्ट्राध्यक्षों या सरकार के प्रमुखों ने किया. उन्होंने इसे भारत की बढ़ती कूटनीतिक ताकत और वैश्विक मंच पर उसकी भूमिका का संकेत बताया.
मिडिल ईस्ट संकट पर भी चर्चा
BRICS समिट ऐसे समय आयोजित हुआ, जब दुनिया कई हिस्सों में गंभीर संघर्ष और मतभेदों का सामना कर रही है. जयशंकर ने कहा कि बैठक में मिडिल ईस्ट संकट सबसे चुनौतीपूर्ण मुद्दों में से एक रहा.
उन्होंने बताया कि अलग-अलग देशों के हितों और मतभेदों के बावजूद भारत की अध्यक्षता में कई अहम मुद्दों पर सहमति बनाने में कामयाबी मिली. समिट में पश्चिम एशिया के संघर्ष समेत वैश्विक शांति और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ.