पुतिन से मुलाकात में पीएम मोदी ने युद्ध के समाधान पर की चर्चा, भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया

KNEWS DESK- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। इस साल दोनों नेताओं की यह दूसरी बैठक थी। इससे पहले 31 अगस्त 2026 को बिश्केक में आयोजित 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों की मुलाकात हुई थी।

ब्रिक्स सम्मेलन से इतर हुई इस बैठक में भारत और रूस के बीच राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, कौशल विकास और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की गई। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार साझा किए।

रूस-यूक्रेन और ईरान युद्ध पर चर्चा

बैठक के दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध के साथ ईरान में जारी संघर्ष पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया और काला सागर क्षेत्र की स्थिति पर विचार-विमर्श किया। इन संघर्षों का असर समुद्री व्यापार और विभिन्न देशों के नागरिकों की सुरक्षा पर पड़ रहा है।

इस दौरान होर्मुज और ब्लैक सी क्षेत्र में फंसे भारतीय जहाजकर्मियों का मुद्दा भी उठाया गया। भारतीय नाविकों की सुरक्षा और समुद्री मार्गों पर पैदा हुई चुनौतियों को लेकर दोनों पक्षों ने बातचीत की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोहराया कि संघर्षों का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए ही संभव है। उन्होंने कहा कि भारत शांति स्थापित करने के प्रयासों में हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है।

INNOPROM India का किया स्वागत

दोनों नेताओं ने भारत में पहली बार आयोजित अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक प्रदर्शनी ‘INNOPROM India’ का भी स्वागत किया। यह प्रदर्शनी 9 से 11 सितंबर 2026 के बीच आयोजित की गई। इसका उद्देश्य भारत और रूस के बीच औद्योगिक, व्यापारिक और निवेश संबंधों को नई दिशा देना है।

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने प्रदर्शनी का दौरा किया और इसमें भाग लेने वाले प्रतिनिधियों से बातचीत की। दोनों नेताओं ने माना कि ऐसे मंच भारत और रूस की कंपनियों के बीच नए कारोबारी अवसर पैदा कर सकते हैं।

INNOPROM India के जरिए रेलवे, स्टील, टनल निर्माण, तकनीक और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर जोर दिया जा रहा है। इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को और विस्तार मिलने की उम्मीद है।

ब्रिक्स में सहयोग बढ़ाने पर जोर

विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने बहुपक्षीय मंचों पर भारत-रूस सहयोग को लेकर भी चर्चा की। विशेष रूप से वर्ष 2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के संदर्भ में दोनों नेताओं ने अपने विचार साझा किए।

उन्होंने आपसी हित से जुड़े प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की। पश्चिम एशिया और काला सागर क्षेत्र के संघर्षों के अलावा समुद्री व्यापार और भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भी दोनों देशों की चिंताओं पर बात हुई।

विशेष रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने पर सहमति

बैठक में दोनों नेता भारत और रूस के बीच ‘विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी’ को और मजबूत करने पर सहमत हुए। दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और तकनीक के क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है।

भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत-रूस संबंधों में मजबूती बनी हुई है। दोनों पक्षों ने आपसी हितों के आधार पर सहयोग को आगे बढ़ाने और नियमित उच्चस्तरीय संवाद जारी रखने पर जोर दिया।

पुतिन ने पीएम मोदी को रूस आने का निमंत्रण दिया

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए रूस आने का निमंत्रण दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने निमंत्रण स्वीकार कर लिया है।

शिखर सम्मेलन की तारीख दोनों देशों के राजनयिक माध्यमों से आपसी सुविधा के अनुसार तय की जाएगी। यह बैठक भारत और रूस के बीच लगातार मजबूत होते संबंधों और उच्चस्तरीय राजनीतिक संवाद की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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