KNEWS DESK- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ब्रिक्स मुलाकात में भारत-रूस संबंधों की मजबूती के साथ दोनों नेताओं की व्यक्तिगत बॉन्डिंग भी देखने को मिली। दिल्ली में हुई द्विपक्षीय बैठक के दौरान दोनों नेता न सिर्फ अहम मुद्दों पर चर्चा करते नजर आए, बल्कि उनके बीच दोस्ती और भरोसे की गर्मजोशी भी साफ दिखाई दी।
पुतिन के भारत दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें एक खास किताब भेंट की। इसके बाद दोनों नेता एक ही कार में सवार होकर बातचीत करते हुए प्रदर्शनी देखने पहुंचे। दोनों ने साथ कदमताल भी की। इन तस्वीरों ने औपचारिक कूटनीति से अलग भारत और रूस के रिश्तों की करीबी को नए अंदाज में सामने रखा।
तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद किया भेंट
भारत मंडपम में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले हुई द्विपक्षीय बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को महान तमिल कवि और दार्शनिक तिरुवल्लुवर की प्रसिद्ध कृति ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद भेंट किया।
तिरुक्कुरल को तमिल साहित्य की कालजयी रचनाओं में गिना जाता है। इसमें जीवन, नैतिकता, शासन, समाज, प्रेम और मानवीय व्यवहार से जुड़े विचार प्रस्तुत किए गए हैं। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने पुतिन को तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद दिया है। उन्होंने कहा कि यह महान तिरुवल्लुवर के शाश्वत ज्ञान को भाषाओं और सीमाओं के पार पहुंचाने का माध्यम है।
किताब भेंट किए जाने के बाद दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से हाथ मिलाया। यह छोटा-सा पल भारत और रूस के बीच सांस्कृतिक संबंधों और आपसी सम्मान का प्रतीक बन गया।
तीसरी बार एक कार में नजर आए मोदी-पुतिन
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की दोस्ती की चर्चा उस समय और तेज हो गई, जब दोनों नेता एक ही कार में सवार होकर प्रदर्शनी देखने पहुंचे। दोनों को कार में बैठकर बातचीत करते हुए देखा गया। इसके बाद वे साथ-साथ चलते हुए भी नजर आए।
यह पहली बार नहीं है जब दोनों नेता एक कार में साथ दिखाई दिए हों। इससे पहले भी मोदी और पुतिन की ऐसी तस्वीरें सामने आ चुकी हैं। दोनों नेताओं का एक साथ कार में सफर करना उनकी व्यक्तिगत केमेस्ट्री और आपसी सहजता को दर्शाता है।
औपचारिक मुलाकात से अलग दिखा व्यक्तिगत तालमेल
मोदी और पुतिन की बैठक में कूटनीतिक प्रोटोकॉल के साथ व्यक्तिगत तालमेल भी चर्चा का विषय बना। दोनों नेताओं के बीच बातचीत का सहज अंदाज, साथ चलना और एक-दूसरे के साथ समय बिताना यह दिखाता है कि भारत और रूस के संबंध केवल सरकारी स्तर तक सीमित नहीं हैं।
दोनों देशों के बीच लंबे समय से रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग के मजबूत रिश्ते हैं। ऐसे में नेताओं की व्यक्तिगत नजदीकी इन संबंधों को और मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
व्यापार और रक्षा सहयोग पर भी चर्चा की संभावना
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है। इनमें वर्ष 2030 तक दोनों देशों के बीच सालाना द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य भी शामिल है।
इसके अलावा रक्षा, ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने पर भी चर्चा हो सकती है। दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद रक्षा साझेदारी को और विस्तार देने पर भी विशेष ध्यान रहने की उम्मीद है।
12 और 13 सितंबर को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तीन दिवसीय भारत दौरे पर नई दि