हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ पर सियासी संग्राम, देहरादून में कांग्रेस करेगी शक्ति प्रदर्शन

KNEWS DESK – हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद कथित शुद्धिकरण को लेकर उत्तराखंड की सियासत गरमा गई है. इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस आज देहरादून में बड़ा विरोध प्रदर्शन करने जा रही है. पार्टी ने इसे ‘हल्ला बोल’ कार्यक्रम का नाम दिया है. प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की तैयारी में हैं.

परेड ग्राउंड से शुरू होगा मार्च

कांग्रेस के मुताबिक, ‘हल्ला बोल’ कार्यक्रम की शुरुआत देहरादून के परेड ग्राउंड से होगी. यहां पार्टी के नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटेंगे. इसके बाद सभी मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करेंगे.

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि हल्द्वानी के रामलीला मैदान में खरगे की सभा के बाद कथित तौर पर शुद्धिकरण कराया गया, जो दलित समाज और कांग्रेस के अपमान का मामला है. पार्टी इसी मुद्दे को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराने जा रही है.

सीएम आवास की बढ़ाई गई सुरक्षा

कांग्रेस के प्रदर्शन और मुख्यमंत्री आवास के घेराव के ऐलान के बाद देहरादून में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. पुलिस प्रशासन की ओर से प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की जा रही है.

वहीं, हल्द्वानी के शुद्धिकरण से जुड़े मामले पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई होने की संभावना भी जताई जा रही है. दूसरी ओर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर के विरोध में भी पार्टी लगातार प्रदर्शन कर रही है.

कांग्रेस के इस विरोध प्रदर्शन में उत्तराखंड कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा के भी शामिल होने की जानकारी है. पार्टी नेताओं का कहना है कि यह प्रदर्शन सिर्फ एक राजनीतिक दल का विरोध नहीं, बल्कि सामाजिक सम्मान और संविधान से जुड़े मुद्दे को लेकर है.

कांग्रेस दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है. पार्टी का आरोप है कि शुद्धिकरण की घटना सामाजिक भेदभाव की मानसिकता को दर्शाती है और सरकार को इस मामले में स्पष्ट कार्रवाई करनी चाहिए.

भाजपा-कांग्रेस में जारी जुबानी जंग

हल्द्वानी का यह मामला अब भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव का मुद्दा बन चुका है. कांग्रेस लगातार राज्य सरकार पर निशाना साध रही है, जबकि भाजपा कांग्रेस पर इस मामले को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगा रही है.

कांग्रेस इस मुद्दे को दलित सम्मान, सामाजिक न्याय और संविधान के सम्मान से जोड़कर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है. वहीं भाजपा का कहना है कि कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए विवाद को राजनीतिक मुद्दा बना रही है.

2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड में इस मुद्दे ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है. अब देखना होगा कि कांग्रेस के आज के ‘हल्ला बोल’ प्रदर्शन का राज्य की राजनीति पर कितना असर पड़ता है.

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