KNWS DESK– दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित मारपीट के मामले में दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसे उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से पकड़ा। मामले में पहले दर्ज एफआईआर में एससी/एसटी एक्ट की धाराएं जोड़ी गई हैं। इसके अलावा नाबालिग से जुड़े आरोपों को लेकर पॉक्सो एक्ट के तहत भी अलग मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, स्वतंत्र भारद्वाज की तलाश पिछले कुछ समय से की जा रही थी। उसके बुलंदशहर में होने की जानकारी मिलने के बाद दिल्ली पुलिस की टीम वहां पहुंची और उसे हिरासत में लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से एक दिन की पुलिस हिरासत मंजूर की गई। पुलिस इस दौरान उससे घटना और उससे जुड़े अन्य तथ्यों को लेकर पूछताछ कर रही है।
जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान हुआ था विवाद
पूरा मामला 23 जून 2026 को जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान हुई कथित मारपीट से जुड़ा है। शिकायत के मुताबिक, प्रदर्शन में शामिल एक नाबालिग छात्रा के पिता संजय कुमार के साथ मारपीट की गई थी। आरोप है कि विवाद के दौरान उनके सिर पर किसी ठोस वस्तु से हमला किया गया। घटना के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था। पुलिस ने इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और एक अन्य व्यक्ति को नामजद किया था।
मामले ने उस वक्त नया मोड़ लिया जब सोशल मीडिया पर एक पॉडकास्ट क्लिप वायरल हुई। इसमें स्वतंत्र भारद्वाज ने कथित तौर पर संजय कुमार पर हमला करने की बात कही थी। हालांकि, स्वतंत्र की ओर से इस घटना को आत्मरक्षा में उठाया गया कदम बताया गया है। उनके इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
SC/ST एक्ट और POCSO की धाराएं जुड़ीं
पुलिस ने प्रदर्शन के बाद दर्ज पुरानी एफआईआर में एससी/एसटी एक्ट की धाराएं जोड़ीं। इसके साथ ही नाबालिग से जुड़े मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई। इन कानूनी कार्रवाइयों के बाद स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी का रास्ता साफ हुआ।
मामले को लेकर CJP के कार्यकर्ताओं और अन्य समर्थकों ने संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन कर आरोपी की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में गंभीर धाराएं लगाने की मांग भी की थी।
307 लगाने पर मेडिकल रिपोर्ट अहम
मामले में हत्या के प्रयास यानी धारा 307 लगाए जाने की संभावना को लेकर भी चर्चा है। हालांकि, इसे लेकर अंतिम फैसला मेडिकल रिपोर्ट और पुलिस की जांच के आधार पर ही होगा। आरोपी के वकील और समर्थक पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि पीड़ित पक्ष आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहा है।
अब स्वतंत्र भारद्वाज की अदालत में आगे की पेशी और पुलिस जांच पर सबकी नजर है। पुलिस की ओर से मामले से जुड़े साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट और आरोपों की जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।