चित्रकूट में मंदाकिनी की बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे सीएम योगी, 800 प्रभावित परिवारों को राहत

KNEWS DESK- उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के बढ़े जलस्तर से पैदा हुई बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को पहुंचे। मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के साथ रामघाट समेत बाढ़ प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की।

मंदाकिनी के उफान के कारण चित्रकूट के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। रामघाट और आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का असर दिखाई दिया। मुख्यमंत्री ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित लोगों और साधु-संतों से बातचीत की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आपदा की इस घड़ी में सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और राहत पहुंचाने में किसी तरह की लापरवाही नहीं होगी।

800 परिवारों को राहत सामग्री

मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान करीब 800 बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की गई। इसके अलावा, बाढ़ के कारण बेघर हुए परिवारों को जमीन आवंटन के प्रमाण-पत्र भी दिए गए। सरकार की ओर से प्रभावित लोगों को आपदा मोचक निधि के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है।

बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए राहत किट में रोजमर्रा की जरूरत का सामान उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश के अन्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भी 26 प्रकार की आवश्यक वस्तुओं वाली राहत किट वितरित की जा रही है, जिसमें खाद्यान्न और घरेलू उपयोग की जरूरी सामग्री शामिल है।

बेघर परिवारों के पुनर्वास पर जोर

सीएम योगी ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त और बेघर हुए परिवारों के पुनर्वास को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए। प्रशासन को प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री और जरूरी सुविधाएं जल्द पहुंचाने को कहा गया है। जिन परिवारों को रहने की जगह की जरूरत है, उनके लिए भूमि और आवास से जुड़ी व्यवस्था करने पर जोर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने बाढ़ के दौरान राहत और बचाव अभियान को लगातार सक्रिय रखने के निर्देश दिए। प्रभावित इलाकों में प्रशासनिक टीमें स्थिति पर नजर रख रही हैं। इससे पहले भी बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने का अभियान चलाया गया है।

मंदाकिनी के बहाव क्षेत्र पर सख्ती

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदाकिनी नदी के प्राकृतिक स्वरूप और बहाव क्षेत्र को सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने नदी क्षेत्र में अतिक्रमण और अनधिकृत निर्माण को लेकर सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए। सरकार का मानना है कि नदी के प्राकृतिक प्रवाह में किसी तरह की बाधा बाढ़ के प्रभाव को बढ़ा सकती है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ के बाद होने वाले नुकसान का आकलन कर प्रभावित परिवारों, किसानों और बुनियादी ढांचे से जुड़ी जरूरतों पर तेजी से कार्रवाई की जाए। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को भी अलर्ट रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पानी उतरने के बाद संभावित बीमारियों और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से निपटा जा सके।

चित्रकूट दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने राहत, बचाव और पुनर्वास की व्यवस्था का जायजा लिया। अब प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित इलाकों में सामान्य स्थिति बहाल करना और बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन कर पीड़ितों तक सरकारी सहायता पहुंचाना है।

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