KNEWS DESK- दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम इलाके सत्य निकेतन में रविवार दोपहर एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इमारत में पीजी चल रहा था, इसलिए मलबे में कई छात्रों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अभी अंदर मौजूद लोगों की वास्तविक संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
हादसा मोती बाग के पास सत्य निकेतन में शिव मंदिर के नजदीक हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इमारत अचानक गिरी और देखते ही देखते पूरा ढांचा मलबे में तब्दील हो गया। घटना के बाद चारों तरफ धूल का गुबार फैल गया और आसपास मौजूद लोग सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे। एक चश्मदीद ने दावा किया कि इमारत में 20 से 30 बच्चे मौजूद हो सकते हैं और उनके मलबे में दबे होने की आशंका है। हालांकि, यह संख्या अभी आधिकारिक तौर पर पुष्ट नहीं हुई है।
चार लोगों को किया गया रेस्क्यू
घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। दिल्ली फायर डिपार्टमेंट को दोपहर करीब 1:33 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली। इसके बाद 12 दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। राहत-बचाव टीमों ने मलबा हटाने का काम शुरू किया। रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक चार लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान स्थानीय लोग भी बचाव दल की मदद करते नजर आए। मौके पर मौजूद आरके पुरम के विधायक अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि कुछ लोग मलबे के नीचे से फोन कर रहे हैं। इससे आशंका बढ़ गई है कि अभी भी कई लोग मलबे के अंदर फंसे हो सकते हैं। बचाव टीमें लगातार उन लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।
आसपास की इमारतें भी कराई गईं खाली
हादसे की गंभीरता को देखते हुए आसपास की इमारतों को एहतियातन खाली कराया गया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि DDMA, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की टीमें राहत-बचाव अभियान में जुटी हैं। उन्होंने कहा कि मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता
सत्य निकेतन दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के नजदीक स्थित है और यहां बड़ी संख्या में छात्र पीजी और हॉस्टल में रहते हैं। इसी वजह से हादसे के बाद छात्रों के मलबे में फंसे होने की आशंका ने चिंता बढ़ा दी है। NSUI ने भी घटना पर चिंता जताते हुए प्रशासन से राहत-बचाव अभियान तेज करने और हादसे की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। हालांकि, संगठन की ओर से छात्रों के फंसे होने को लेकर दी गई जानकारी की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है। मलबा पूरी तरह हटने और रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे में कितने लोग फंसे थे और कितने लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।