KNEWS DESK- गुजरात के भावनगर से पुलिस की कार्रवाई का एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। वीडियो में हत्या के आरोपी फैजल लखानी को पुलिसकर्मी जीप से बांधकर लाठियों से पीटते नजर आ रहे हैं। एक अन्य वीडियो में आरोपी को बेंच पर लिटाकर भी पीटा जाता दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की कार्यशैली और आरोपी के साथ किए गए व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
मामला भावनगर के नीलमबाग थाना क्षेत्र से जुड़ा है। फैजल लखानी पर अपनी लिव-इन पार्टनर काजल बरैया की हत्या का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, 3 सितंबर को भावनगर बस स्टैंड के पास फैजल ने काजल और उसके परिचित रवि पर हमला किया था। इस हमले में काजल गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने इसके बाद फैजल को गिरफ्तार किया।
क्राइम सीन रिक्रिएशन के दौरान हुई पिटाई
फैजल को घटना की जांच के तहत क्राइम सीन रिक्रिएशन के लिए उसी स्थान पर ले जाया गया था। इसी दौरान सामने आए वीडियो में पुलिसकर्मी उसे रस्सी से बांधकर पीटते दिखाई दे रहे हैं। एक फुटेज में आरोपी को पुलिस की जीप से बांधा गया है, जबकि दूसरे वीडियो में वह बेंच पर लेटा हुआ नजर आता है और पुलिसकर्मी उस पर लाठियां बरसा रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि किसी आरोपी से पूछताछ या घटनास्थल के पुनर्निर्माण के दौरान पुलिस को इस तरह सार्वजनिक रूप से मारपीट करने का अधिकार किस हद तक है।
पुलिस ने कार्रवाई को क्यों बताया जरूरी?
नीलमबाग थाने के पुलिस निरीक्षक डीपी उनाडकट ने कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि मामला बेहद गंभीर था। पुलिस के अनुसार, आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है और वह पहले कई मामलों में आरोपी रह चुका है। अधिकारी ने कहा कि महिला के साथ हुई घटना ने पुलिस की छवि और लोगों के भरोसे को प्रभावित किया था। इसी वजह से पुलिस ने कड़ी कार्रवाई को जरूरी बताया और कहा कि इसका उद्देश्य अपराधियों के बीच सख्त संदेश देना था।
पुलिस के मुताबिक, फैजल को हाल ही में जमानत मिली थी और इसके बाद उसे काजल के किसी अन्य व्यक्ति से संबंध होने की जानकारी मिली। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ा और उसने काजल पर हमला कर दिया। काजल की मौत के बाद फैजल के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में कार्रवाई की गई।
पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की कार्रवाई विवादों में आ गई है। सार्वजनिक रूप से आरोपी की पिटाई को लेकर मानवाधिकार और कानूनी प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठाए जा रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, गुजरात में पुलिस द्वारा आरोपियों को सार्वजनिक रूप से पीटने या अपमानित करने को लेकर पहले भी निर्देश जारी किए जा चुके हैं। ऐसे में भावनगर की घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर नई बहस छेड़ दी है।
फिलहाल वायरल वीडियो ने पूरे मामले को चर्चा में ला दिया है और पुलिस की कार्रवाई को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।