पाकिस्तान क्रिकेट में नया विवाद, PCB ने खिलाड़ियों के फोन लिए कस्टडी में; वजह पर अब भी सवाल

KNEWS DESK- पाकिस्तान क्रिकेट टीम का इंग्लैंड दौरा लगातार विवादों में बना हुआ है। पहले दो टेस्ट गंवाने के बाद टीम में बड़े बदलाव किए गए और अब तीसरे टेस्ट से पहले खिलाड़ियों के मोबाइल फोन PCB की कस्टडी में लिए जाने की खबर ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ खिलाड़ियों के फोन टेस्ट मैच खत्म होने तक बोर्ड के पास रहेंगे। हालांकि, PCB की ओर से अभी तक इस कदम की आधिकारिक वजह नहीं बताई गई है।

सबसे अहम बात यह है कि अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि किन खिलाड़ियों के फोन लिए गए हैं और बोर्ड किस मामले की जांच कर रहा है। सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में इसे मैच फिक्सिंग या भ्रष्टाचार से जोड़कर सवाल उठाए जा रहे हैं, लेकिन PCB ने किसी खिलाड़ी पर मैच फिक्सिंग या भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगाया है। इसलिए फिलहाल इसे फिक्सिंग की पुष्टि मानना सही नहीं होगा।

पहले ही मुश्किल में है पाकिस्तान की टीम

फोन कस्टडी में लिए जाने की खबर ऐसे समय सामने आई है, जब इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तान की टीम मुश्किल दौर से गुजर रही है। शुरुआती दोनों टेस्ट मैचों में हार के बाद PCB ने टीम में बड़े बदलाव किए। सात खिलाड़ियों को दौरे से वापस भेज दिया गया और कोचिंग स्टाफ में भी बदलाव किया गया। सरफराज अहमद को मुख्य कोच पद से हटाकर माइक हेसन को तीसरे टेस्ट के लिए जिम्मेदारी दी गई।

तीसरा और सीरीज का आखिरी टेस्ट 9 सितंबर से एजबेस्टन में खेला जाना है। ऐसे में टीम के भीतर लगातार हो रहे बदलावों के बीच खिलाड़ियों के फोन PCB के पास जाने से मामला और चर्चा में आ गया है।

क्या फोन लेने का संबंध भ्रष्टाचार जांच से है?

यही इस पूरे मामले का सबसे बड़ा सवाल है। कुछ रिपोर्ट्स में फोन लिए जाने को जांच से जोड़कर देखा गया है, लेकिन अभी तक यह सामने नहीं आया है कि जांच किस मुद्दे को लेकर हो रही है। उपलब्ध रिपोर्टों में किसी खिलाड़ी के खिलाफ मैच फिक्सिंग या भ्रष्टाचार का आधिकारिक आरोप नहीं बताया गया है।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खिलाड़ियों के मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर सख्त नियम हैं। मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम जैसे निर्धारित प्रतिबंधित क्षेत्रों में खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को मोबाइल फोन या दूसरे कम्युनिकेशन डिवाइस रखने या इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होती। इन नियमों का उद्देश्य अनधिकृत संचार को रोकना और खेल की पारदर्शिता बनाए रखना है।

हालांकि, मैच के दौरान फोन इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध और किसी खिलाड़ी के निजी मोबाइल को कई दिनों तक बोर्ड की कस्टडी में रखने की स्थिति अलग-अलग मामले हैं। यदि फोन किसी औपचारिक जांच का हिस्सा हैं, तो उस जांच के नियम और परिस्थितियां महत्वपूर्ण होंगी।

PCB की चुप्पी से बढ़े सवाल

फिलहाल PCB ने न तो यह बताया है कि किन खिलाड़ियों के फोन लिए गए हैं और न ही सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट किया है कि उनका इस्तेमाल किस जांच के लिए किया जा रहा है। यही वजह है कि इस घटनाक्रम को लेकर अटकलें तेज हैं।

पाकिस्तान की टीम पहले ही दो टेस्ट हारकर सीरीज में 0-2 से पीछे है। ऐसे में तीसरे टेस्ट से पहले टीम में बड़े बदलाव और अब फोन कस्टडी में लिए जाने की खबर ने पाकिस्तान क्रिकेट में चल रही उथल-पुथल को और बढ़ा दिया है। जब तक PCB की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आता, तब तक फोन जब्त किए जाने को सीधे मैच फिक्सिंग से जोड़ना जल्दबाजी होगी।

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