KNEWS DESK- दिल्ली से सटे फरीदाबाद की डबुआ कॉलोनी से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। यहां 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली 16 वर्षीय छात्रा की स्कूल की तीसरी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि स्कूल में बिरयानी खाने को लेकर विवाद के बाद छात्रा को सजा दी गई थी और उसे कई घंटे तक कक्षा में खड़ा रखा गया। इसके बाद वह तीसरी मंजिल तक पहुंची, जहां से गिरने के बाद उसकी मौत हो गई। मामले की पुलिस जांच जारी है।
घटना डबुआ-गाजीपुर रोड स्थित नवोदय विद्या निकेतन सीनियर सेकेंडरी स्कूल की बताई जा रही है। छात्रा के परिवार ने स्कूल प्रबंधन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों का कहना है कि उन्हें घटना की जानकारी समय पर नहीं दी गई। परिवार अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है।
दोनों बच्चों को स्कूल भेजा था, लेकिन मिली बेटी की मौत की खबर
छात्रा के पिता प्रमोद कुमार के मुताबिक, मंगलवार सुबह उन्होंने अपने दोनों बच्चों को स्कूल भेजा था। उन्हें उम्मीद थी कि छुट्टी के बाद दोनों बच्चे सामान्य तरीके से घर लौटेंगे। लेकिन स्कूल की छुट्टी के बाद सिर्फ एक बच्चा घर पहुंचा। कुछ समय बाद परिवार को उनकी 16 वर्षीय बेटी की मौत की जानकारी मिली।
बेटी की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। पिता अस्पताल की मोर्चरी के बाहर अपनी बेटी के पोस्टमार्टम का इंतजार करते नजर आए। उनका कहना है कि वह जानना चाहते हैं कि आखिर स्कूल में उनकी बेटी के साथ क्या हुआ था।
बिरयानी खाने को लेकर विवाद का आरोप
परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के मुताबिक, स्कूल में बिरयानी खाने को लेकर छात्रा का विवाद हुआ था। इसके बाद स्कूल प्रबंधन से जुड़ी एक महिला ने उसे सजा दी। परिजनों का दावा है कि छात्रा को लंबे समय तक कक्षा में खड़े रहने के लिए कहा गया था।
परिवार का कहना है कि इस घटना के बाद छात्रा मानसिक रूप से परेशान थी। हालांकि, घटना से पहले स्कूल में वास्तव में क्या हुआ और छात्रा तीसरी मंजिल तक कैसे पहुंची, यह अभी जांच का विषय है।
पिता ने स्कूल से पूछे कई सवाल
बेटी की मौत के बाद पिता प्रमोद कुमार के मन में कई सवाल हैं। उनका कहना है कि घटना से पहले के करीब तीन घंटे में उनकी बेटी के साथ क्या हुआ? उसे सजा क्यों दी गई? उस दौरान उसकी निगरानी कौन कर रहा था? वह तीसरी मंजिल तक कैसे पहुंची और घटना के बाद परिवार को सूचना देने में कितना समय लगा?
परिवार का कहना है कि अगर उन्हें समय रहते घटना की जानकारी मिलती, तो शायद वे अपनी बेटी के लिए कुछ कर पाते। इसी वजह से परिजन पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
स्कूल प्रशासन का पक्ष सामने नहीं आया
परिजनों के आरोपों के बाद स्कूल प्रशासन का पक्ष जानने के लिए संपर्क करने की कोशिश की गई। हालांकि, स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगा मिला। स्कूल के लैंडलाइन और मोबाइल नंबर पर भी कई बार संपर्क किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
फिलहाल स्कूल प्रबंधन की ओर से मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उसका पक्ष सामने आने के बाद उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा।
पुलिस जुटी जांच में
घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस स्कूल परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। छात्रा के साथ घटना से पहले क्या हुआ, उस समय स्कूल में कौन-कौन मौजूद था और परिवार को सूचना कब दी गई, इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
फिलहाल छात्रा के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पुलिस परिजनों की शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।