कृष्णानगर में महुआ मोइत्रा का विरोध, काले झंडे दिखाकर लगे ‘गो बैक’ के नारे

KNEWS DESK- पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर से तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा को मंगलवार, 1 सितंबर को अपने लोकसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान विरोध का सामना करना पड़ा। नदिया जिले के छपरा में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के बाद कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और काले झंडे दिखाए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ ‘गो बैक’ के नारे भी लगाए।

बताया जा रहा है कि महुआ मोइत्रा छपरा ब्लॉक के पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर बदलाव को लेकर बैठक करने पहुंची थीं। बैठक खत्म होने के बाद उनके खिलाफ प्रदर्शन शुरू हो गया। जैसे ही उनके वहां होने की जानकारी लोगों को मिली, कई प्रदर्शनकारी उनके लॉज के बाहर भी जमा हो गए। उन्होंने काले झंडे लहराते हुए नारेबाजी की और महुआ मोइत्रा को लॉज से बाहर निकलने से रोकने की कोशिश की।

बागी विधायक से हुई तीखी बहस

विरोध के दौरान महुआ मोइत्रा और TMC के बागी विधायक जाबेर शेख के बीच तीखी बहस भी हुई। स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया। घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें प्रदर्शनकारियों को नारेबाजी करते और काले झंडे दिखाते देखा जा सकता है।

रिपोर्टों के मुताबिक, इस दौरान TMC समर्थकों और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प भी हुई। इसके बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।

महुआ ने बागी विधायक और BJP पर लगाया आरोप

महुआ मोइत्रा ने विरोध के पीछे TMC के बागी विधायक जाबेर शेख और बीजेपी समर्थकों का हाथ होने का आरोप लगाया। हालांकि, जाबेर शेख ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन किसी राजनीतिक साजिश का हिस्सा नहीं था, बल्कि सांसद के कामकाज से नाराज लोगों का विरोध था।

जाबेर शेख विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी खेमे में शामिल हो चुके हैं।

संगठन को लेकर बैठक में क्या हुआ?

महुआ मोइत्रा ने बताया कि बैठक में पलाशीपारा और जलांगी के विधायकों की मौजूदगी में पार्टी संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर पुनर्गठन को लेकर चर्चा हुई। उन्होंने यह भी कहा कि TMC के टिकट पर चुनाव जीतने के बाद दूसरी राजनीतिक दिशा में जाने वाले नेताओं को पार्टी के साथ विश्वासघात करने वाला माना जाना चाहिए।

महुआ ने चेतावनी दी कि अगर जिला पंचायत के सदस्य पार्टी हितों के खिलाफ गतिविधियों में शामिल पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बीजेपी ने भी लगाए आरोप

बीजेपी नेता गोपाल दास और स्थानीय निवासी अंबरजीत रॉय ने इलाके में कथित वसूली और राजनीतिक अशांति बढ़ने के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा स्थिति के लिए महुआ मोइत्रा की भी भूमिका है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

वहीं, प्रदर्शनकारियों ने महुआ मोइत्रा के उस दावे को भी खारिज किया कि विरोध के पीछे बीजेपी और TMC से अलग हुए नेताओं का हाथ है। फिलहाल पुलिस की मौजूदगी में स्थिति को नियंत्रित किया गया।

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