KNEWS DESK- दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में राजस्थान के कोटा की 16 वर्षीय किशोरी तनवी की मौत हो गई। तनवी जन्म से ही दिल की गंभीर बीमारी से पीड़ित थी और उसके पिता के मुताबिक, वह करीब 14 साल से सर्जरी का इंतजार कर रही थी। मंगलवार को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। परिवार ने आरोप लगाया है कि लंबे समय तक AIIMS के चक्कर लगाने के बावजूद उनकी बेटी की सर्जरी नहीं हो सकी।
तनवी के पिता मुकेश कुमार के अनुसार, जब उनकी बेटी करीब दो साल की थी, तभी से वह उसके इलाज और सर्जरी के लिए दिल्ली AIIMS जा रहे थे। उन्होंने बताया कि अस्पताल में सर्जरी के लिए करीब सवा चार लाख रुपये जमा कराए गए थे। इतना ही नहीं, ऑपरेशन के लिए चार यूनिट खून भी जमा कराया गया था। परिवार पहली बार 10 अक्टूबर 2012 को AIIMS पहुंचा था।
2015 में मिली थी सर्जरी की तारीख
मुकेश कुमार का कहना है कि बेटी की जांच के बाद साल 2015 में सर्जरी के लिए 2 सितंबर की तारीख दी गई थी। हालांकि, बाद में अलग-अलग कारणों से ऑपरेशन टलता रहा। कभी इंप्लांट खरीदने की बात कही गई तो कभी दांतों में कैविटी होने का हवाला देकर सर्जरी टाल दी गई।
पिता के मुताबिक, उन्होंने बेटी के इलाज के लिए करीब 14 साल तक AIIMS के चक्कर काटे। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्रालय से भी मदद की गुहार लगाई, लेकिन कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी विभाग से ऑपरेशन की तारीख नहीं मिल सकी।
AIIMS ने क्या कहा?
इस मामले में AIIMS की ओर से भी सफाई सामने आई है। AIIMS मीडिया डिवीजन की प्रभारी डॉक्टर रीमा दादा ने बताया कि बच्ची को वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट (VSD) के साथ पल्मोनरी एट्रेशिया था। यह गंभीर जन्मजात हृदय रोग है, जिसमें फेफड़ों तक रक्त पहुंचाने वाली धमनियों का विकास नहीं होता या वे अनुपस्थित होती हैं।
AIIMS के मुताबिक, साल 2013 में बच्ची का सर्जरी के लिए डॉ. सचिन तलवार द्वारा मूल्यांकन किया गया था। इसके बाद साल 2018 में यह निर्णय लिया गया कि बच्ची की सर्जरी संभव नहीं है। ऐसे में उसके इलाज के लिए दवाओं का सहारा लेने का फैसला किया गया और मेडिकल मैनेजमेंट के जरिए उसका उपचार जारी रखा गया।
परिवार और अस्पताल के दावों में अंतर
इस मामले में परिवार की ओर से 14 साल तक सर्जरी का इंतजार करने और ऑपरेशन न होने का आरोप लगाया गया है, जबकि AIIMS का कहना है कि बच्ची की स्थिति ऐसी थी, जिसमें सर्जरी संभव नहीं थी और उसे दवाओं के जरिए इलाज दिया जा रहा था।
अब तनवी की मौत के बाद एक बार फिर गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि उसके इलाज में क्या प्रक्रिया अपनाई गई, सर्जरी को लेकर क्या-क्या मेडिकल आकलन हुए और परिवार को समय पर पूरी जानकारी दी गई या नहीं। फिलहाल परिवार के आरोपों और AIIMS के पक्ष के बीच स्पष्ट अंतर दिखाई दे रहा है।