घर में छोटा बच्चा है तो मानसून में ऐसे रखें मच्छरों और कीड़ों से दूर, अपनाएं ये 5 आसान उपाय

KNEWS DESK- बारिश के मौसम में घर के आसपास मच्छर और दूसरे कीड़े-मकोड़े बढ़ जाते हैं. ऐसे में छोटे बच्चों को इनके काटने से बचाना जरूरी हो जाता है. कुछ आसान सावधानियों की मदद से घर में मच्छरों की मौजूदगी कम की जा सकती है.

मानसून का मौसम आते ही जगह-जगह पानी जमा होने लगता है, जिससे मच्छरों को पनपने का मौका मिलता है. इसके अलावा नमी बढ़ने के कारण कई तरह के बरसाती कीड़े भी घरों में दिखाई देने लगते हैं. छोटे बच्चों के लिए यह परेशानी ज्यादा हो सकती है, क्योंकि वे अक्सर फर्श पर खेलते हैं और बाहर भी जाते हैं.

बच्चों को मच्छरों और कीड़ों से बचाने के लिए घर की साफ-सफाई के साथ कुछ दूसरी सावधानियां भी अपनाई जा सकती हैं. हालांकि, छोटे बच्चों की त्वचा पर कोई भी तेल, रिपेलेंट या घरेलू मिश्रण लगाने से पहले उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है.

घर में पानी जमा न होने दें

मच्छरों से बचाव के लिए सबसे जरूरी है कि घर के अंदर और आसपास कहीं भी पानी जमा न रहने दें. गमलों की ट्रे, बाल्टी, कूलर और अन्य बर्तनों में जमा पानी को नियमित रूप से साफ करें. घर में नमी कम रखने की कोशिश करें और खिड़की-दरवाजों के आसपास भी सफाई रखें.

बच्चों को पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनाएं

मानसून में बच्चों को बाहर भेजते समय ढीले और आरामदायक फुल स्लीव्स कपड़े पहनाना बेहतर रहता है. फुल पैंट भी मच्छरों के सीधे संपर्क को कम कर सकती है. खासकर शाम के समय पार्क या ऐसी जगहों पर जाते वक्त बच्चों के कपड़ों का ध्यान रखें जहां मच्छर ज्यादा हो सकते हैं.

सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें

छोटे बच्चों को मच्छरों से बचाने के लिए मच्छरदानी एक आसान उपाय है. बच्चे के सोने की जगह को मच्छरदानी से अच्छी तरह कवर करें और उसमें कोई छेद न हो, यह भी जांच लें. छोटे बच्चों के आसपास कॉइल या तेज धुआं करने वाले उत्पादों के इस्तेमाल से बचना बेहतर है.

नीम या दूसरे घरेलू नुस्खों में बरतें सावधानी

नीम को पारंपरिक तौर पर कीड़े-मकोड़ों से बचाव के लिए इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन छोटे बच्चों के आसपास नीम की पत्तियां या कपूर जलाकर धुआं करना उचित नहीं है. धुआं बच्चों की आंखों और सांस की नली में परेशानी पैदा कर सकता है. इसी तरह किसी भी घरेलू तेल या मिश्रण को बच्चे की त्वचा पर लगाने से पहले डॉक्टर या बाल रोग विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है.

जरूरत पड़ने पर सुरक्षित मॉस्किटो रिपेलेंट चुनें

बाजार में बच्चों के लिए बनाए गए कई मॉस्किटो रिपेलेंट उपलब्ध हैं, लेकिन इन्हें इस्तेमाल करने से पहले लेबल पर दिए निर्देश जरूर पढ़ें. बच्चे की उम्र के हिसाब से ही किसी रिपेलेंट का इस्तेमाल करें और इसे आंखों, मुंह, कटे या irritated हिस्से के आसपास न लगाएं. छोटे शिशुओं के मामले में डॉक्टर से सलाह लेना ज्यादा सुरक्षित विकल्प है.

इन बातों का भी रखें ध्यान

मच्छरों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका सिर्फ किसी तेल या घरेलू नुस्खे पर निर्भर रहना नहीं, बल्कि साफ-सफाई, पानी जमा न होने देना, शरीर को ढकने वाले कपड़े और मच्छरदानी जैसी सावधानियां एक साथ अपनाना है. अगर बच्चे को मच्छर के काटने के बाद तेज बुखार, ज्यादा सूजन, सांस लेने में परेशानी या कोई असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से संपर्क करें.

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