Knews Desk: भारत में इलेक्ट्रिक कारों की बढ़ती मांग के बीच मारुति सुजुकी अपनी EV रणनीति को तेजी से आगे बढ़ा रही है। कंपनी ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में भारतीय बाजार में छोटी इलेक्ट्रिक कार भी पेश की जा सकती है। मारुति सुजुकी के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO हिसाशी ताकेउची ने कंपनी की सालाना बैठक में कहा कि देश में EV के लिए पर्याप्त चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने के बाद कंपनी छोटी इलेक्ट्रिक गाड़ियों को लॉन्च करेगी। फिलहाल कंपनी ने इलेक्ट्रिक कार सेगमेंट में e Vitara के साथ एंट्री की है, जो एक मिड-साइज SUV है और इसका उत्पादन गुजरात के हंसलपुर प्लांट में किया जाता है।
मारुति सुजुकी का मानना है कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को बड़े स्तर पर अपनाने के लिए मजबूत चार्जिंग नेटवर्क बेहद जरूरी है। इसी दिशा में कंपनी ने इस दशक के अंत तक देश में 1 लाख से ज्यादा चार्जिंग पॉइंट स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए कंपनी 13 चार्जिंग ऑपरेटर कंपनियों के साथ साझेदारी कर रही है। अब तक मारुति 1,100 से ज्यादा शहरों में 2,000 से अधिक एक्सक्लूसिव चार्जिंग पॉइंट उपलब्ध करा चुकी है। कंपनी हाईवे और एक्सप्रेसवे पर भी चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार करने की योजना बना रही है।
कंपनी की योजना देश के टॉप 100 शहरों में प्रमुख स्थानों पर करीब 5 से 10 किलोमीटर के अंतर पर चार्जिंग सुविधा उपलब्ध कराने की है। मारुति का मानना है कि चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होने से ग्राहकों का इलेक्ट्रिक कारों पर भरोसा बढ़ेगा और छोटी EVs के लिए भी बाजार तैयार होगा। फिलहाल भारतीय बाजार में Tata Motors और JSW MG Motor जैसी कंपनियां छोटी इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री कर रही हैं। ऐसे में मारुति की छोटी EV की एंट्री इस सेगमेंट में मुकाबले को और दिलचस्प बना सकती है।हालांकि, मारुति सुजुकी केवल इलेक्ट्रिक वाहनों पर निर्भर नहीं रहना चाहती। कंपनी पेट्रोल, हाइब्रिड, CNG और ICE यानी पारंपरिक इंजन वाली गाड़ियों पर भी निवेश जारी रखेगी। कंपनी अपनी नई मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं को इस तरह तैयार कर रही है कि जरूरत के मुताबिक एक ही प्रोडक्शन लाइन पर EV, हाइब्रिड, CNG और ICE वाहनों का उत्पादन किया जा सके। इससे बाजार में ग्राहकों की बदलती मांग के अनुसार उत्पादन को तेजी से बदला जा सकेगा।
मारुति सुजुकी इलेक्ट्रिक वाहनों के एक्सपोर्ट पर भी फोकस बढ़ा रही है। कंपनी करीब 120 देशों में अपने वाहन निर्यात करती है। पिछले साल कंपनी ने 4.40 लाख से ज्यादा वाहनों का निर्यात किया, जो सालाना आधार पर 34 फीसदी की बढ़ोतरी है। कंपनी ने यूरोप में EV का निर्यात भी शुरू कर दिया है। मारुति के मुताबिक, भारत से होने वाले कुल EV निर्यात में उसकी हिस्सेदारी करीब 90 फीसदी है। जापान के अलावा ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस जैसे बाजारों में भी कंपनी अपनी मौजूदगी बढ़ाने की तैयारी कर रही है।कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 से वित्त वर्ष 2031 के बीच करीब 77,500 करोड़ रुपये के कैपिटल एक्सपेंडिचर की योजना बनाई है। यह निवेश नई तकनीक, मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और नए वाहनों के विकास पर किया जाएगा। ऐसे में मारुति की छोटी EV की लॉन्चिंग भारतीय इलेक्ट्रिक कार बाजार में एक अहम बदलाव ला सकती है। हालांकि, कंपनी ने अभी इसकी सटीक लॉन्च डेट या कीमत का खुलासा नहीं किया है।