हरियाणा के इस छोरे ने मां के कहने पर बदला नाम, आज बॉलीवुड का बड़ा सितारा है

KNEWS DESK – बॉलीवुड में कई ऐसे कलाकार हैं जो अपनी अलग-अलग फिल्मों में अलग अंदाज के लिए पहचाने जाते हैं, लेकिन राजकुमार राव उन चुनिंदा एक्टर्स में शामिल हैं जिन्होंने हर किरदार को अपनी एक्टिंग से यादगार बनाया है। छोटे-छोटे रोल्स से करियर की शुरुआत करने वाले राजकुमार राव आज इंडस्ट्री के सबसे वर्सेटाइल कलाकारों में गिने जाते हैं। 31 अगस्त 2026 को एक्टर अपना 42वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास मौके पर आइए जानते हैं उनके फिल्मी सफर की कहानी।

छोटे रोल्स से शुरू हुआ एक्टिंग का सफर

राजकुमार राव का असली नाम राजकुमार यादव है। उनका जन्म 31 अगस्त 1984 को हरियाणा के गुरुग्राम में हुआ था। बचपन से ही उनका झुकाव एक्टिंग की तरफ था और वह स्कूल के दिनों में थिएटर और प्ले में हिस्सा लिया करते थे। एक्टर मनोज बाजपेयी की एक्टिंग से काफी प्रभावित थे और इसी दौरान उन्होंने फिल्मों में करियर बनाने का फैसला किया।

अभिनय की बारीकियां सीखने के बाद राजकुमार राव फिल्मों में किस्मत आजमाने के लिए मुंबई पहुंचे। उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दौर में छोटे-छोटे किरदार निभाए। रामगोपाल वर्मा की फिल्म ‘रण’ में काम करने के बाद उन्हें दिबाकर बनर्जी की फिल्म ‘लव सेक्स और धोखा’ में काम करने का मौका मिला। इस फिल्म के जरिए उन्होंने दर्शकों और फिल्ममेकर्स का ध्यान अपनी ओर खींचा।

‘शाहिद’ ने बदल दी किस्मत

राजकुमार राव के करियर में फिल्म ‘शाहिद’ सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई। फिल्म में उन्होंने वकील शाहिद आजमी का किरदार निभाया था। इस चुनौतीपूर्ण भूमिका में उनकी एक्टिंग को जबरदस्त सराहना मिली। फिल्म में उनकी परफॉर्मेंस इतनी प्रभावशाली रही कि उन्हें बेस्ट एक्टर के नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

‘शाहिद’ के बाद राजकुमार राव की पहचान सिर्फ बॉलीवुड तक सीमित नहीं रही। फिल्ममेकर्स ने उनकी अभिनय क्षमता को पहचाना और उन्हें लगातार अलग-अलग तरह के किरदार मिलने लगे।

इन फिल्मों ने बनाई खास पहचान

राजकुमार राव ने अपने करियर में एक तरफ ‘काई पो चे!’, ‘क्वीन’, ‘बरेली की बर्फी’ और ‘शादी में जरूर आना’ जैसी फिल्मों में शानदार अभिनय किया, तो दूसरी तरफ ‘सिटी लाइट्स’, ‘अलीगढ़’, ‘ट्रैप्ड’, ‘न्यूटन’ और ‘शाहिद’ जैसी फिल्मों में गंभीर और चुनौतीपूर्ण किरदार निभाए।

उनकी खासियत यह रही कि उन्होंने खुद को किसी एक तरह के किरदार तक सीमित नहीं रखा। कॉमेडी हो, रोमांस हो, ड्रामा हो या गंभीर सामाजिक विषय—उन्होंने हर जॉनर में अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया।

‘स्त्री’ से मास ऑडियंस के बीच भी छाए

राजकुमार राव ने ‘ओमेर्टा’, ‘स्त्री’, ‘लव सोनिया’, ‘मेड इन चाइना’, ‘जजमेंटल है क्या’, ‘लूडो’, ‘छलांग’, ‘द व्हाइट टाइगर’, ‘रूही’, ‘बधाई दो’, ‘भेड़िया’, ‘भीड़’ और ‘श्रीकांत’ जैसी फिल्मों में भी काम किया।

वहीं ‘स्त्री’ और ‘स्त्री 2’ जैसी फिल्मों ने उन्हें बड़े स्तर पर मास ऑडियंस के बीच भी लोकप्रिय बनाया। यही वजह है कि आज राजकुमार राव को कमर्शियल सिनेमा और कंटेंट बेस्ड फिल्मों के बीच बेहतरीन संतुलन बनाने वाले कलाकारों में गिना जाता है।

अवॉर्ड्स से भी सजा करियर

राजकुमार राव को अपने शानदार अभिनय के लिए कई बड़े अवॉर्ड्स मिल चुके हैं। ‘शाहिद’ के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट क्रिटिक का अवॉर्ड मिला। इसके बाद ‘बरेली की बर्फी’ के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर और ‘ट्रैप्ड’ के लिए बेस्ट एक्टर क्रिटिक का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला।

‘बधाई दो’ में शानदार अभिनय के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला। ‘श्रीकांत’ में उनकी परफॉर्मेंस को भी खूब सराहा गया और उन्हें बेस्ट एक्टर क्रिटिक अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

राजकुमार राव का सफर अभी थमा नहीं है। वह आने वाले समय में ‘प्रहार: अ उज्ज्वल निकम स्टोरी’, ‘रफ्तार’ और ‘दादा’ जैसी फिल्मों में नजर आएंगे। ‘दादा’ में वह भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली की भूमिका निभाते दिखाई देंगे। यह किरदार उनके करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण और खास रोल्स में से एक माना जा रहा है।

छोटे किरदारों से शुरुआत कर नेशनल अवॉर्ड जीतने और फिर कमर्शियल सिनेमा के बड़े स्टार बनने तक राजकुमार राव ने अपनी अलग पहचान बनाई है। यही वजह है कि 42 साल की उम्र में भी वह बॉलीवुड के उन कलाकारों में शामिल हैं, जिनसे दर्शकों को हर फिल्म में कुछ नया देखने की उम्मीद रहती है।

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