नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद हालात अब भी बेहद गंभीर बने हुए हैं। हादसे में 768 से ज्यादा लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि हजारों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इसी बीच ल्हेंदे नदी पर बनी एक नई झील ने चिंता बढ़ा दी है। इसके टूटने की स्थिति में निचले इलाकों में अचानक फ्लैश फ्लड आ सकती है।
KNews Desk– नेपाल में आई जल प्रलय को पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन तबाही का असर अब भी कम नहीं हुआ है। कई इलाकों में मलबे के बीच जिंदगी की तलाश जारी है। किसी परिवार को अपनों के सुरक्षित लौटने का इंतजार है तो कहीं मलबे से शवों को निकालने का सिलसिला जारी है। समय बीतने के साथ लापता लोगों के परिजनों की चिंता भी बढ़ती जा रही है।
रेस्क्यू एजेंसियां लगातार राहत और बचाव अभियान चला रही हैं, लेकिन नेपाल के सामने एक और बड़ा खतरा खड़ा हो गया है। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ल्हेंदे नदी पर मलबे के कारण एक नई झील बन गई है। विशेषज्ञों को आशंका है कि यदि इसका प्राकृतिक बांध टूटता है तो नीचे के इलाकों में अचानक तेज बाढ़ आ सकती है।
नेपाल में लगातार हो रही बारिश ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। भोटेकोशी नदी का जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव की आवाज के बाद रसुवा में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। नुवाकोट तक लोगों को सावधानी बरतने और नदी के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है।
धादिंग में भी संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रशासन सतर्क है। संबंधित एजेंसियां हालात पर नजर रख रही हैं और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की जा रही है।
ल्हेंदे नदी की नई झील बनी चिंता
नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में ल्हेंदे नदी का रास्ता भारी मलबे से अवरुद्ध हो गया है। बताया जा रहा है कि ग्लेशियर टूटने के बाद बड़ी मात्रा में मलबा नदी में आ गया, जिससे पानी जमा होकर झील का रूप लेने लगा।
झील में पानी बढ़ने के साथ उसके टूटने का खतरा भी बढ़ रहा है। यदि प्राकृतिक बांध कमजोर होकर टूटता है तो बड़ी मात्रा में पानी बेहद तेज रफ्तार से नीचे की ओर आ सकता है। इससे निचले इलाकों में अचानक फ्लैश फ्लड की स्थिति पैदा हो सकती है।
संभावित खतरे को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है। ड्रोन और सैटेलाइट के जरिए इलाके की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
768 से ज्यादा मौतें, हजारों लोग अब भी लापता
नेपाल में इस प्राकृतिक आपदा ने बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान किया है।
- अब तक 768 से ज्यादा लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है।
- चितवन में सबसे ज्यादा 259 शव बरामद किए गए हैं।
- करीब 2500 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
- 275 लापता भारतीयों की भी तलाश जारी है।
- 4500 से ज्यादा लोगों को अब तक सुरक्षित निकाला जा चुका है।
मलबे और पानी के बीच रेस्क्यू टीमों के लिए राहत एवं बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। कई इलाकों में संपर्क व्यवस्था प्रभावित होने के कारण बचाव कार्य में मुश्किलें आ रही हैं।
त्रिशूली बाजार में तबाही के निशान
बाढ़ के बाद त्रिशूली बाजार की तस्वीरें तबाही की गंभीरता को दिखा रही हैं। कई इमारतें और कारोबारी प्रतिष्ठान बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। कृषि विकास बैंक की इमारत के दो फ्लोर भी पानी में डूब गए थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस आपदा से नेपाल को 200 अरब रुपये से ज्यादा का आर्थिक नुकसान हुआ है। बाढ़ और भूस्खलन की वजह से करीब 19 छोटे-बड़े पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वहीं 50 किलोमीटर से ज्यादा सड़क नेटवर्क को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
दूरदराज के इलाकों में सड़क और संपर्क व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसके अलावा 400 मेगावाट से ज्यादा की जलविद्युत क्षमता पर भी असर पड़ा है। नुकसान की भरपाई और बुनियादी ढांचे को दोबारा खड़ा करने में नेपाल को कई साल लग सकते हैं।
फिलहाल नेपाल में राहत और बचाव अभियान जारी है, लेकिन ल्हेंदे नदी पर बनी नई झील और लगातार बारिश ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में आने वाले दिनों में स्थिति पर लगातार नजर रखना बेहद जरूरी हो गया है।