KNEWS DESK – उत्तराखंड के रुद्रपुर में बुधवार को निकाले गए बारावफात जुलूस के दौरान दिए गए एक कथित भड़काऊ बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. रामपुर निवासी मौलाना मुजीब ने कथित तौर पर जुलूस में शामिल हजारों लोगों के सामने उत्तराखंड सरकार पर मदरसों को बंद कराने का आरोप लगाया.
मौलाना के बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तक पहुंचा. सीएम ने मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि उत्तराखंड कोई पाकिस्तान नहीं है और प्रदेश में कानून व्यवस्था से किसी को खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जाएगी.
धामी ने कहा- अराजक तत्वों पर होगी सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान देवभूमि के रूप में रही है और आगे भी बनी रहेगी. उन्होंने कहा कि सरकार संविधान के खिलाफ काम करने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई करेगी.
सीएम ने यह भी कहा कि प्रदेश में धमकी और तुष्टिकरण की राजनीति का दौर खत्म हो चुका है. उन्होंने डेमोग्राफिक चेंज को लेकर भी सरकार के सख्त रुख का संकेत दिया.
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, आरोपी गिरफ्तार
मुख्यमंत्री के सख्त रुख के बाद उधमसिंह नगर पुलिस ने मामले में कार्रवाई की. शुक्रवार को रुद्रपुर कोतवाली में मौलाना मुजीब के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया.
पुलिस ने इसके बाद आरोपी को रात में ही गिरफ्तार कर लिया. अब पुलिस वायरल वीडियो और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है.
मामले में सबसे पहले मौलाना के कथित भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. वीडियो सामने आने के बाद लोगों के बीच इसको लेकर चर्चा तेज हो गई.
पुलिस अब यह भी देख रही है कि भाषण में कही गई बातों की पूरी पृष्ठभूमि क्या थी और क्या इससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की कोई स्थिति बनी थी. फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.