KNEWS DESK- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से मध्य एशिया के दो महत्वपूर्ण देशों उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान के दौरे पर जा रहे हैं. चार दिवसीय इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी दोनों देशों के साथ भारत के रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर देंगे. वह उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव से मुलाकात और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे. इसके बाद पीएम मोदी किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित होने वाले SCO के 26वें शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे.
प्रधानमंत्री मोदी 29 और 30 अगस्त को उज्बेकिस्तान की राजकीय यात्रा पर रहेंगे. यह यात्रा राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के निमंत्रण पर हो रही है. मध्य एशियाई देश की यह पीएम मोदी की चौथी यात्रा होगी. उज्बेकिस्तान में दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, ऊर्जा और शिक्षा समेत कई अहम क्षेत्रों पर चर्चा होगी. प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मिर्जियोयेव द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करने के साथ आगे की रणनीति पर भी विचार करेंगे.
वार्ता के दौरान दोनों नेता अपने-अपने देशों के विकास लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा करेंगे. इसमें भारत के ‘विकसित भारत 2047’ और उज्बेकिस्तान के ‘उज्बेकिस्तान 2030’ के साझा विकास दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के अवसर तलाशे जाएंगे. दोनों देशों के बीच लोगों के बीच संपर्क और सांस्कृतिक संबंध भी पीएम मोदी की यात्रा के एजेंडे में शामिल रहेंगे. उज्बेकिस्तान दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ताशकंद में शास्त्री स्मारक का दौरा करेंगे. इसके अलावा वह ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज स्थित महात्मा गांधी केंद्र भी जाएंगे. इन स्थानों की यात्रा भारत और उज्बेकिस्तान के बीच ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक रिश्तों की अहमियत को दर्शाएगी.
उज्बेकिस्तान के बाद प्रधानमंत्री मोदी 31 अगस्त और 1 सितंबर को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में रहेंगे. यहां वह राष्ट्रपति सदिर जापारोव के निमंत्रण पर SCO के 26वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. इस साल SCO अपनी स्थापना की 25वीं वर्षगांठ भी मना रहा है. भारत वर्ष 2017 में इस संगठन का पूर्ण सदस्य बना था.
शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी अपने संबोधन में क्षेत्रीय सुरक्षा, कनेक्टिविटी और आर्थिक अवसरों से जुड़े मुद्दों पर भारत की प्राथमिकताओं को सामने रख सकते हैं. भारत लगातार SCO के मंच से आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ सहयोग मजबूत करने, क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने और आर्थिक सहयोग के नए अवसर तलाशने पर जोर देता रहा है.
SCO शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की कई सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ द्विपक्षीय मुलाकातें भी प्रस्तावित हैं. इन बैठकों में आपसी संबंधों और क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हो सकती है. इसके अलावा पीएम मोदी 6वें वर्ल्ड नोमाड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे. यह आयोजन मध्य एशिया की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक खेलों को दुनिया के सामने रखने का एक महत्वपूर्ण मंच है.
पीएम मोदी का यह दौरा भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ से आगे मध्य एशिया में सक्रिय कूटनीतिक भागीदारी और क्षेत्रीय सहयोग की नीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. उज्बेकिस्तान के साथ व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और डिजिटल क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ SCO के जरिए क्षेत्रीय सुरक्षा और कनेक्टिविटी के मुद्दों पर भारत अपनी भूमिका को और मजबूत करने की कोशिश करेगा. चार दिनों की इस यात्रा में द्विपक्षीय बैठकों से लेकर SCO के बड़े मंच तक पीएम मोदी का फोकस भारत के रणनीतिक हितों, आर्थिक सहयोग और मध्य एशिया के साथ मजबूत रिश्तों पर रहने की उम्मीद है.