भारत होगा नेपाल के PM बालेन शाह का पहला विदेशी दौरा, वित्त मंत्री ने किया बड़ा खुलासा

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह जल्द ही अपने कार्यकाल की पहली विदेश यात्रा पर भारत आ सकते हैं। नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने बताया कि शाह के भारत दौरे को लेकर तैयारियां चल रही हैं और साल खत्म होने से पहले यात्रा की तारीख तय होने की उम्मीद है।

Knews Desk– नेपाल इस समय बाढ़ और प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। तिब्बत से आई बाढ़ के कारण देश के कई हिस्सों में भारी नुकसान हुआ है। इस मुश्किल समय में भारत की ओर से नेपाल को राहत और जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। इसी बीच नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने प्रधानमंत्री बालेन शाह के पहले विदेश दौरे को लेकर अहम जानकारी दी है।

काठमांडू में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान वागले ने कहा कि प्रधानमंत्री शाह की पहली विदेश यात्रा भारत की होगी। उन्होंने बताया कि यात्रा की तारीख को लेकर अभी चर्चा जारी है, लेकिन गंतव्य को लेकर कोई असमंजस नहीं है। उनका कहना था कि सरकार को उम्मीद है कि यह दौरा इस साल के अंत से पहले हो जाएगा।

वित्त मंत्री के मुताबिक, प्रधानमंत्री बनने के बाद बालेन शाह ने शुरुआती महीनों में अपना पूरा ध्यान घरेलू मुद्दों और सरकार के 100 दिन के एजेंडे पर केंद्रित रखा। सरकार ने अपने प्रदर्शन को लेकर खुद 87.2 फीसदी की रेटिंग भी दी है। इसके बाद अब प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं की योजना पर काम शुरू किया गया है।

वागले के साथ मौजूद बीजेपी के वरिष्ठ सांसद रविशंकर प्रसाद ने भी भारत-नेपाल संबंधों को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते बेहद मजबूत और गहरे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को केवल सीमाओं या पासपोर्ट के आधार पर अलग नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक, अगर प्रधानमंत्री शाह की पहली विदेश यात्रा भारत होती है तो यह दोनों देशों के संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत होगा।

बालेन शाह ने 27 मार्च 2026 को नेपाल के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। 36 वर्षीय शाह पेशे से इंजीनियर हैं और रैपर के तौर पर भी पहचान रखते हैं। वह 2022 से काठमांडू के मेयर रहे हैं। मार्च में हुए आम चुनाव में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी को बड़ी जीत मिली, जिसके बाद शाह प्रधानमंत्री बने।

शाह के सत्ता में आने से पहले सितंबर 2025 में नेपाल में Gen Z आंदोलन के दौरान बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। इन प्रदर्शनों के बाद तत्कालीन सरकार को सत्ता छोड़नी पड़ी थी। इसके बाद राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेतृत्व में नई सरकार बनी और पार्टी के उपाध्यक्ष स्वर्णिम वागले को वित्त मंत्री की जिम्मेदारी मिली।

प्रधानमंत्री शाह की पहली विदेश यात्रा को लेकर पिछले कुछ समय से लगातार चर्चा चल रही थी। जुलाई के अंतिम सप्ताह में भारत के विदेश मंत्रालय ने भी पुष्टि की थी कि नेपाल के प्रधानमंत्री को भारत आने का निमंत्रण दिया गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि भारत की ओर से शाह को यात्रा के लिए आमंत्रित किया गया है।

इसके बाद यह भी खबर सामने आई थी कि प्रधानमंत्री बालेन शाह ने भारत के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है और वह जल्द ही भारत की आधिकारिक यात्रा कर सकते हैं। हालांकि, अभी तक दौरे की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं हुई है।

आमतौर पर नेपाल के प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद भारत या चीन की यात्रा करते रहे हैं। लेकिन बालेन शाह ने इस परंपरा से अलग रुख अपनाते हुए पद संभालने के पांच महीने से अधिक समय बाद भी किसी पड़ोसी देश का दौरा नहीं किया है। हालांकि नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल जून में तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर भारत आ चुके हैं।

अब वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले के बयान के बाद प्रधानमंत्री बालेन शाह की पहली विदेश यात्रा को लेकर तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। यदि सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो भारत उनके कार्यकाल का पहला विदेशी गंतव्य बन सकता है।

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