KNEWS DESK- भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन इस साल 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने और पूजा-पाठ के लिए शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। इस वर्ष पर्व पर रवि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और शोभन योग का संयोग बनने की बात कही जा रही है। इन शुभ योगों के चलते रक्षाबंधन का महत्व और बढ़ जाता है।
मान्यता है कि शुभ योग में भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधने से उसके जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता आती है। वहीं, बहन के जीवन में भी खुशहाली बनी रहती है और भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम और विश्वास मजबूत होता है।
रवि योग में राखी बांधने का महत्व
ज्योतिषीय मान्यताओं में रवि योग को बेहद शुभ माना गया है। कहा जाता है कि इस योग में किए गए धार्मिक और मांगलिक कार्यों का सकारात्मक प्रभाव मिलता है। रक्षाबंधन के दिन इस योग में पूजा और रक्षासूत्र बांधने से जीवन की बाधाओं से मुक्ति और सुख-शांति की कामना की जाती है।
सर्वार्थ सिद्धि योग से सफलता की मान्यता
सर्वार्थ सिद्धि योग को कार्यों की सफलता से जोड़कर देखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस योग में किए गए शुभ कार्यों से मनोकामनाओं की पूर्ति और जीवन में तरक्की के रास्ते खुलते हैं। ऐसे में इस योग के दौरान भाई को राखी बांधना शुभ माना जाता है।
शोभन योग बढ़ाएगा रिश्तों में मिठास
शोभन योग को प्रेम, सौहार्द और सकारात्मकता से जुड़ा माना जाता है। रक्षाबंधन पर इस योग का संयोग भाई-बहन के रिश्ते के लिए विशेष माना जा रहा है। मान्यता है कि इस दौरान पूरे श्रद्धा भाव से रक्षासूत्र बांधने से आपसी प्रेम बढ़ता है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
राखी बांधते समय रखें इन बातों का ध्यान
रक्षाबंधन के दिन भाई को तिलक लगाने के बाद पूजा करें और फिर शुभ मुहूर्त में राखी बांधें। राखी बांधते समय भाई-बहन दोनों को ईश्वर से एक-दूसरे की खुशहाली और लंबी उम्र की प्रार्थना करनी चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शुभ समय और विधि का पालन करते हुए मनाया गया रक्षाबंधन पारिवारिक सुख और सौहार्द के लिए मंगलकारी माना जाता है।