KNEWS DESK- IIT दिल्ली में MSc फिजिक्स के 31 वर्षीय छात्र ऋषिकेश कुमार की मौत के बाद छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने मामले की स्वतंत्र जांच, संस्थान के अधिकारियों की जवाबदेही और मृत छात्र के परिवार को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की है।
छात्रों के मुताबिक, ऋषिकेश की मौत से पहले की परिस्थितियों की भी विस्तृत जांच होनी चाहिए। उन्होंने हॉस्टल आवंटन, अकादमिक प्रोजेक्ट से जुड़े फैसलों और संस्थान की छात्र कल्याण व्यवस्था की भूमिका की जांच की मांग उठाई है। छात्रों ने आरोप लगाया कि स्टूडेंट अफेयर्स ऑफिस की ओर से छात्र की ‘मोरल प्रोफाइलिंग’ की गई और कुछ प्रशासनिक फैसलों ने उसकी स्थिति को और मुश्किल बनाया। इन आरोपों की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।
डीन और विभागाध्यक्ष के इस्तीफे की मांग
प्रदर्शनकारी छात्रों ने स्टूडेंट अफेयर्स ऑफिस के डीन, एसोसिएट डीन और फिजिक्स विभाग के प्रमुख के इस्तीफे की मांग की है। छात्रों का कहना है कि संस्थान को छात्र कल्याण और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में अधिक जवाबदेह होना चाहिए।
छात्रों ने यह भी मांग की है कि Student Counselling Services, डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर्स और संस्थान के निदेशक की भूमिका की समीक्षा की जाए। उनका कहना है कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे छात्रों को संस्थागत स्तर पर पर्याप्त सहयोग मिलना जरूरी है।
मानसिक स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने IIT दिल्ली में मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठाए। उनका दावा है कि पिछले 30 महीनों में परिसर में आठ छात्रों की आत्महत्या से मौत हुई है। हालांकि, इस आंकड़े की स्वतंत्र रूप से पुष्टि की जानी बाकी है। छात्रों ने संस्थान की मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट और उस पर उठाए गए कदमों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।
कक्षाएं बंद करने और मुआवजे की मांग
छात्रों ने मांग की है कि लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स समेत कैंपस की अकादमिक गतिविधियों को तत्काल रोका जाए। उनका कहना है कि साथी छात्र की मौत के बाद पढ़ाई सामान्य तरीके से जारी नहीं रह सकती। पुलिस के मुताबिक, ऋषिकेश कुमार की मौत 22 अगस्त को IIT दिल्ली के लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स की छठी मंजिल से गिरने के बाद हुई थी। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है और पुलिस मोबाइल फोन तथा संस्थान के काउंसलिंग रिकॉर्ड समेत अन्य जानकारियों की जांच कर रही है।
फिलहाल छात्र प्रशासन से उनकी मांगों पर जवाब की उम्मीद कर रहे हैं। मामले की जांच के साथ-साथ संस्थान की छात्र कल्याण व्यवस्था और प्रशासनिक फैसलों को लेकर भी बहस तेज हो गई है।