Delhi SIR 2026: वोटरों के लिए बड़ा अपडेट, अब 31 अगस्त को ड्राफ्ट और 4 नवंबर को फाइनल सूची

KNEWS DESK – दिल्ली में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. चुनाव आयोग ने दिल्ली के लिए SIR-2026 का संशोधित कार्यक्रम जारी किया है. इसके तहत अब ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 31 अगस्त 2026 को जारी होगी, जबकि फाइनल मतदाता सूची का प्रकाशन 4 नवंबर 2026 को किया जाएगा.

पहले ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 24 अगस्त को और अंतिम सूची 27 अक्टूबर को जारी होनी थी. नए कार्यक्रम के मुताबिक दोनों तारीखों में बदलाव किया गया है.

24 अगस्त तक पूरा होगा पोलिंग स्टेशन का काम

संशोधित कार्यक्रम के तहत दिल्ली में मतदान केंद्रों के युक्तिकरण और पुनर्व्यवस्था का काम अब 24 अगस्त तक पूरा किया जाएगा. पहले इसके लिए 17 अगस्त की समयसीमा तय की गई थी.

इसके बाद 31 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी. चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, जिन मतदाताओं ने अपना एन्यूमरेशन फॉर्म जमा कर दिया है, वे ड्राफ्ट सूची में अपना नाम चेक कर सकेंगे.

31 अगस्त से 30 सितंबर तक दर्ज करा सकेंगे दावा-आपत्ति

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद मतदाताओं को अपने नाम से जुड़ी गलती सुधारने या किसी प्रविष्टि पर आपत्ति दर्ज कराने का मौका मिलेगा.

नए कार्यक्रम के अनुसार, 31 अगस्त से 30 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी. पहले यह अवधि 24 अगस्त से 23 सितंबर तक निर्धारित थी.

इसके बाद दावों और आपत्तियों पर नोटिस जारी करने, सुनवाई और उनके निस्तारण की प्रक्रिया 31 अगस्त से 29 अक्टूबर तक चलेगी.

4 नवंबर को आएगी फाइनल वोटर लिस्ट

SIR की पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब 4 नवंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी. पहले फाइनल वोटर लिस्ट जारी करने की तारीख 27 अक्टूबर तय थी.

यानी संशोधित कार्यक्रम के तहत अंतिम सूची के प्रकाशन में आठ दिन की देरी हुई है.

वोटर्स ऐसे चेक कर सकेंगे अपना नाम

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के मुताबिक, ड्राफ्ट सूची 31 अगस्त को जारी होने के बाद मतदाता उसमें अपना नाम और अन्य विवरण जांच सकेंगे. इसके लिए दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट पर सूची उपलब्ध कराई जाएगी.

अगर किसी पात्र मतदाता का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है या किसी जानकारी में गलती है, तो निर्धारित अवधि के दौरान दावा या आपत्ति दर्ज कराई जा सकेगी.

चुनाव आयोग के मुताबिक SIR का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो.

क्यों महत्वपूर्ण है SIR?

SIR मतदाता सूची की व्यापक समीक्षा की प्रक्रिया है, जिसमें मतदाताओं के रिकॉर्ड को अपडेट करने के साथ पात्र और अपात्र मतदाताओं की पहचान पर जोर दिया जाता है. चुनाव आयोग के अनुसार, मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता बनाए रखना इस प्रक्रिया का अहम उद्देश्य है.

अब दिल्ली के मतदाताओं की नजर 31 अगस्त पर रहेगी, जब संशोधित कार्यक्रम के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होगी. इसके बाद दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 4 नवंबर को अंतिम मतदाता सूची सामने आएगी.

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