Fake Medicine: नकली दवा की पहचान कैसे करें? बेंगलुरु में 5 करोड़ की दवाएं जब्त, खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

KNEWS DESK- दवा ऐसी चीज है जिसका इस्तेमाल हम बीमारी ठीक करने के लिए करते हैं, लेकिन अगर यही दवा नकली या मिलावटी हो तो यह सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। बेंगलुरु में हाल ही में फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की कार्रवाई में करीब 5 करोड़ रुपये की नकली दवाएं बरामद की गईं। अधिकारियों के मुताबिक, इन दवाओं पर बड़ी फार्मा कंपनियों के नाम और लेबल का इस्तेमाल किया गया था।

इस घटना के बाद दवाओं की खरीदारी को लेकर सावधानी और भी जरूरी हो गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, कुछ नकली दवाएं देखने में असली दवाओं जैसी ही होती हैं और केवल देखकर उनकी पहचान करना मुश्किल हो सकता है। कई मामलों में पुष्टि के लिए लैब टेस्ट की जरूरत पड़ती है।

पैकेट पर स्पेलिंग की गलती तो नहीं?

नकली दवा की पहचान के लिए सबसे पहले उसकी पैकेजिंग को ध्यान से देखें। दवा के नाम, निर्माता के नाम, लेबल या अन्य जानकारी में स्पेलिंग या ग्रामर की गलती, खराब प्रिंटिंग या असामान्य फॉन्ट दिखाई दे तो सावधान हो जाएं। WHO भी दवा की पैकेजिंग में स्पेलिंग की गलतियों और प्रिंटिंग से जुड़ी गड़बड़ियों को संभावित चेतावनी संकेत मानता है।

बैच नंबर और एक्सपायरी डेट जरूर जांचें

दवा खरीदते समय केवल नाम और कीमत देखकर उसे न खरीदें। पैकेट पर लिखे बैच या लॉट नंबर, मैन्युफैक्चरिंग डेट और एक्सपायरी डेट को ध्यान से देखें। खास बात यह है कि बाहरी पैकेट और अंदर मौजूद स्ट्रिप या बोतल पर लिखी जानकारी आपस में मेल खानी चाहिए। अगर बैच नंबर या एक्सपायरी डेट अलग-अलग है या उसमें छेड़छाड़ के निशान हैं तो दवा संदिग्ध हो सकती है।

दवा का रंग, आकार या गंध बदली हुई तो सावधान

अगर वही दवा आप पहले भी इस्तेमाल कर चुके हैं और इस बार उसका रंग, आकार, बनावट या गंध अलग नजर आ रही है, तो उसे तुरंत लेने से बचें। WHO के अनुसार, दवा का असामान्य रंग, खराब या बदली हुई बनावट और असामान्य गंध भी संदिग्ध उत्पाद का संकेत हो सकती है।

पैकेजिंग और सील की जांच करें

दवा का पैकेट फटा हुआ हो, सील टूटी हो या पैकेजिंग के साथ छेड़छाड़ के निशान दिखाई दें तो दवा न लें। ब्लिस्टर पैक, बोतल और बाहरी बॉक्स की स्थिति को भी ध्यान से देखना चाहिए। खासकर ऑनलाइन खरीदी गई दवाओं में यह देखना जरूरी है कि पैकेजिंग सही स्थिति में है और सुरक्षा सील मौजूद होने पर वह टूटी हुई नहीं है।

बहुत सस्ती दवा मिलने पर भी रहें सतर्क

अगर कोई दवा सामान्य कीमत से असामान्य रूप से कम कीमत पर मिल रही है तो इसे सिर्फ अच्छा ऑफर समझकर खरीदने से बचें। WHO संदिग्ध रूप से कम कीमत और अनधिकृत स्रोतों से मिलने वाली दवाओं को लेकर सावधानी बरतने की सलाह देता है। दवा हमेशा भरोसेमंद और लाइसेंस प्राप्त फार्मेसी, अस्पताल या अधिकृत विक्रेता से खरीदना बेहतर है।

नकली दवा का शक हो तो क्या करें?

अगर दवा की पैकेजिंग, बैच नंबर या दवा के स्वरूप को लेकर संदेह है तो उसे इस्तेमाल न करें। सबसे पहले फार्मासिस्ट या डॉक्टर से संपर्क करें। दवा के निर्माता से भी बैच नंबर और उत्पाद की जानकारी की पुष्टि की जा सकती है। अगर दवा लेने के बाद कोई असामान्य साइड इफेक्ट हुआ है या दवा अपेक्षित तरीके से काम नहीं कर रही है, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से सलाह लें। WHO ऐसे मामलों में संदिग्ध दवा की जानकारी संबंधित राष्ट्रीय दवा नियामक प्राधिकरण को देने की सलाह देता है।

सिर्फ देखकर हर नकली दवा पकड़ना संभव नहीं

सबसे जरूरी बात यह है कि हर नकली दवा पैकेट देखकर पहचान में आ जाए, ऐसा जरूरी नहीं है। कुछ नकली उत्पाद असली दवा की तरह ही दिखाई दे सकते हैं। ऐसे मामलों में निर्माता की पुष्टि या क्वालिटी कंट्रोल लैब में जांच की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए दवा खरीदते समय कीमत से ज्यादा जरूरी है उसका स्रोत, पैकेजिंग, बैच नंबर और एक्सपायरी डेट जांचना। थोड़ी सी सावधानी आपको नकली और संभावित रूप से खतरनाक दवा के सेवन से बचा सकती है।

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