KNEWS DESK- वंदे मातरम् को लेकर देश में जारी राजनीतिक बहस के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। गोवा में मीडिया से बातचीत के दौरान खरगे ने राष्ट्रगीत को लेकर अपनी पार्टी का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कोई नई परंपरा शुरू नहीं की है, बल्कि करीब 90 वर्षों से चली आ रही परंपरा को ही आगे बढ़ाया है।
खरगे ने कहा कि उन्होंने वही ‘वंदे मातरम्’ गाया है, जिसे महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू गाते थे। उन्होंने इसमें अटल बिहारी वाजपेयी का भी जिक्र किया और कहा कि अगर उनके द्वारा गाया गया वंदे मातरम् गलत है, तो फिर गांधी और वाजपेयी भी गलत थे।
मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने बयान में कहा कि अगर वंदे मातरम् को उसी रूप में गाना अपराध माना जा रहा है, तो महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल के खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने भी इसी तरह वंदे मातरम् का गायन किया था। खरगे ने अटल बिहारी वाजपेयी का नाम लेते हुए कहा कि उन्होंने भी वही वंदे मातरम् गाया था। ऐसे में अगर उनके गाने को लेकर सवाल उठाया जा रहा है तो बीजेपी को इस पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि सिर्फ बीजेपी के कहने से देश में कोई नियम तय नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि आज एक सरकार है, लेकिन कल कोई दूसरी सरकार सत्ता में आ सकती है और वह अपने हिसाब से अलग फैसला ले सकती है।
‘कांग्रेस ने 90 साल पुरानी परंपरा जारी रखी’
खरगे ने कहा कि वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस की परंपरा आज की नहीं है। उनके मुताबिक, पार्टी ने करीब 90 वर्षों से चली आ रही व्यवस्था को ही जारी रखा है। उन्होंने कहा कि बीजेपी को यह समझना चाहिए कि देश के राष्ट्रीय गीत और उससे जुड़ी परंपराओं को लेकर कई फैसले उस समय लिए गए थे, जब आज के राजनीतिक दलों का मौजूदा स्वरूप भी नहीं था। इसलिए केवल राजनीतिक बयान के आधार पर किसी परंपरा को गलत नहीं बताया जा सकता।
खरगे ने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि कोई राजनीतिक दल जो कहे, वही देश का नियम बन जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि भविष्य में सत्ता बदलती है और कोई दूसरी सरकार अलग फैसला लेती है, तो क्या उसे भी तत्काल नियम मान लिया जाएगा।
कैसे शुरू हुआ वंदे मातरम् विवाद?
वंदे मातरम् को लेकर मौजूदा विवाद 15 अगस्त के बाद शुरू हुआ। बीजेपी की ओर से कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के अपमान का आरोप लगाया गया। बीजेपी का आरोप था कि एक कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम् का गायन पूरा होने से पहले ही रोक दिया गया। इस विवाद में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी का नाम भी सामने आया। बीजेपी ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने इशारा करके वंदे मातरम् का गायन बीच में रुकवा दिया। इसके बाद बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के अपमान का आरोप लगाते हुए सवाल खड़े किए।
मामला तब और ज्यादा राजनीतिक हो गया, जब गोवा में आयोजित कांग्रेस की एक रैली में वंदे मातरम् के सभी छह छंदों के बजाय केवल शुरुआती दो छंदों का गायन किया गया। बीजेपी ने इसे भी मुद्दा बनाते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।
खरगे ने बीजेपी के आरोपों को किया खारिज
विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए खरगे ने बीजेपी के आरोपों को खारिज किया और कहा कि कांग्रेस ने जानबूझकर किसी परंपरा को तोड़ने का काम नहीं किया है। उन्होंने अपने बयान के जरिए यह स्पष्ट करने की कोशिश की कि पार्टी जिस तरीके से वंदे मातरम् का गायन करती आई है, वह कोई नई व्यवस्था नहीं है।
खरगे के बयान के बाद वंदे मातरम् को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। एक तरफ बीजेपी इसे राष्ट्रगीत के सम्मान से जोड़ रही है, वहीं कांग्रेस इसे पुरानी परंपरा और राजनीतिक सहमति से जोड़कर देख रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच बयानबाजी और बढ़ सकती है।