KNEWS DESK- एमपी हाईकोर्ट के निर्देश पर त्विषा शर्मा की मौत के मामले में AIIMS के मेडिकल बोर्ड ने दूसरा पोस्टमॉर्टम किया। पांच सदस्यीय विशेष टीम ने करीब एक महीने तक सभी मेडिकल और वैज्ञानिक पहलुओं की जांच करने के बाद 11 पन्नों की रिपोर्ट तैयार की है। मेडिकल बोर्ड के मुताबिक, त्विषा की मौत सुसाइडल हैंगिंग यानी फांसी लगाने से हुई थी।
AIIMS के फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ। सुधीर गुप्ता ने यह रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में CBI को सौंप दी है। उन्होंने कहा कि बोर्ड की जांच में त्विषा के शरीर पर ऐसा कोई मेडिकल-लीगल रूप से महत्वपूर्ण चोट का निशान नहीं मिला, जिससे यह संकेत मिले कि मौत से पहले उसके साथ मारपीट हुई थी या उसने किसी तरह का संघर्ष किया था। बोर्ड ने अपनी जांच में मौत के सुसाइड और मर्डर, दोनों पहलुओं को ध्यान में रखा।
जांच के दौरान फांसी के लिए इस्तेमाल किए गए लिगेचर मटीरियल की भी बारीकी से जांच की गई। इसमें मेटल रिंग वाले जिमनास्टिक बेल्ट को लेकर उठे सवालों का भी वैज्ञानिक तरीके से परीक्षण किया गया। डॉ। गुप्ता के मुताबिक, बोर्ड ने निष्कर्ष तक पहुंचने से पहले राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिक साहित्य का अध्ययन किया। उपलब्ध साक्ष्यों और वैज्ञानिक तथ्यों के विश्लेषण के बाद लिगेचर मटीरियल से जुड़े विवाद को भी जांच में शामिल किया गया।
मेडिकल बोर्ड का गठन एमपी हाईकोर्ट के उस आदेश के बाद किया गया था, जिसमें AIIMS को त्विषा का दूसरा पोस्टमॉर्टम करने का निर्देश दिया गया था। इसके तहत 24 मई को पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद बोर्ड के सदस्यों ने खुद घटनास्थल का दौरा कर क्राइम सीन का भी निरीक्षण किया। घटनास्थल से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध फॉरेंसिक साक्ष्यों को भी अंतिम रिपोर्ट तैयार करते समय ध्यान में रखा गया।
डॉ। सुधीर गुप्ता ने बताया कि मेडिकल बोर्ड ने मामले के हर पहलू पर विस्तार से चर्चा की। विशेषज्ञों ने पोस्टमॉर्टम से मिले तथ्यों, शरीर पर मौजूद चोटों, लिगेचर मटीरियल, क्राइम सीन और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों का अध्ययन किया। करीब एक महीने तक तमाम पहलुओं पर विचार-विमर्श करने के बाद बोर्ड ने अपनी अंतिम राय तैयार की।
मेडिकल बोर्ड के निष्कर्ष के मुताबिक, त्विषा की मौत सुसाइडल हैंगिंग से हुई और उसके शरीर पर मौत से पहले किसी फिजिकल अटैक, मारपीट, विरोध या संघर्ष का कोई मेडिकल-लीगल रूप से महत्वपूर्ण चोट का निशान नहीं मिला। डॉ। गुप्ता ने कहा कि बोर्ड ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर CBI और न्यायपालिका के सामने अपनी स्पष्ट राय रखी है।
अब AIIMS मेडिकल बोर्ड की यह रिपोर्ट CBI की जांच में अहम दस्तावेज मानी जा रही है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही सामने आएगा।