NTA पर एक्शन मोड में शिक्षा मंत्रालय! प्रह्लाद जोशी ने दिए परीक्षा सिस्टम बदलने के निर्देश

Knews Desk– नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA एक बार फिर अपनी परीक्षा प्रक्रिया को लेकर सवालों के घेरे में है. हाल ही में UGC NET जून 2026 के तीन विषयों की परीक्षा दोबारा कराने की घोषणा के बाद छात्रों और उम्मीदवारों के बीच चिंता बढ़ गई है. इसी बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोमवार को NTA अधिकारियों के साथ अहम बैठक की और परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर कई जरूरी निर्देश दिए.

बैठक में शिक्षा मंत्री ने NTA की पूरी परीक्षा प्रक्रिया का ऑडिट कराने और उसमें किए जा रहे सुधारों पर रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया. सरकार का फोकस परीक्षा की गोपनीयता, पेपर की सुरक्षा और पूरी प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने पर है. अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि परीक्षा से जुड़ी किसी भी संवेदनशील जानकारी तक अनधिकृत लोगों की पहुंच न हो.

बैठक में बताया गया कि NTA में हाल के बदलावों के तहत 50 से ज्यादा कर्मचारियों को हटाया गया है, जबकि 10 नए वरिष्ठ पदों पर प्रोफेशनल्स की नियुक्ति की जा रही है. इनमें साइबर सिक्योरिटी, साइकोमेट्रिक्स और पेपर सेटिंग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल होंगे. इसका मकसद एजेंसी की तकनीकी क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ परीक्षा प्रक्रिया में मानवीय और तकनीकी खामियों को कम करना है.परीक्षा के प्रश्नपत्र और उससे जुड़ी गोपनीय व्यवस्था में भी बड़े बदलाव की तैयारी है. शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि NTA द्वारा आयोजित परीक्षाओं में पेपर की सुरक्षा को लेकर नियमों का सख्ती से पालन किया जाए. इसके लिए सुरक्षित कमरों की व्यवस्था, अलग इंटरनेट सिस्टम और परीक्षा से जुड़े संवेदनशील काम करने वाले कर्मचारियों के डिवाइस जमा कराने जैसी व्यवस्थाएं लागू करने को कहा गया है.

NTA में सुधार की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है. NEET UG 2026 से जुड़े पेपर लीक मामले के बाद एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे थे. 3 मई को आयोजित परीक्षा के बाद पेपर लीक का मामला सामने आया, जिसके चलते परीक्षा रद्द करनी पड़ी और बाद में 21 जून को री-एग्जाम आयोजित किया गया. इस घटनाक्रम ने देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा और विश्वसनीयता को लेकर बहस छेड़ दी थी.पेपर लीक मामले के बाद शिक्षा मंत्रालय ने NTA के कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की. इसके साथ ही इसरो के पूर्व अध्यक्ष के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली समिति की ओर से परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर दी गई सिफारिशों को भी लागू करने की दिशा में काम किया गया. सरकार का उद्देश्य NTA की परीक्षा प्रक्रिया को ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है.

UGC NET के तीन विषयों की परीक्षा दोबारा कराने के फैसले के बाद अब सरकार की कोशिश है कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा पैदा न हो. इसके लिए पेपर तैयार करने से लेकर प्रिंटिंग, स्टोरेज, ट्रांसपोर्टेशन और परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया की निगरानी मजबूत की जा रही है.आने वाले समय में NTA में और भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं. नई तकनीक और विशेषज्ञों की मदद से परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने के साथ सरकार का लक्ष्य छात्रों का भरोसा वापस हासिल करना है. अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन सुधारों को जमीन पर कितनी प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है और क्या इससे प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों पर वास्तव में रोक लग पाती है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *