मुरादाबाद के काली माता मंदिर में गद्दी को लेकर विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पदमुक्त किए गए पूर्व महंत सज्जन गिरि पर अपने समर्थकों के साथ मंदिर में घुसकर वर्तमान महंत और अन्य संतों से मारपीट करने का आरोप है। पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से पांच चाकू बरामद किए हैं।
Knews Desk- उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में प्राचीन सिद्धपीठ काली माता मंदिर की गद्दी को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। मुगलपुरा थाना क्षेत्र के लालबाग चौकी स्थित मंदिर में 15 अगस्त को पूर्व महंत सज्जन गिरि अपने कुछ साथियों के साथ पहुंचे और वहां मौजूद संतों से कथित तौर पर मारपीट की। आरोप है कि यह पूरा विवाद मंदिर की गद्दी पर कब्जे को लेकर हुआ।
बताया जा रहा है कि जूना अखाड़ा ने अप्रैल में अनैतिक गतिविधियों के आरोपों के चलते सज्जन गिरि को महंत पद से हटा दिया था। इसके बाद मंदिर की गद्दी को लेकर विवाद बना हुआ था। आरोप है कि 15 अगस्त की सुबह करीब 11:30 बजे सज्जन गिरि अपने भतीजे विशाल सिंह समेत कई लोगों के साथ मंदिर परिसर में पहुंचे।
आरोप है कि वहां उन्होंने वर्तमान महंत विनय गिरि और महाकाल गिरि के साथ गाली-गलौज की और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे लोगों को भी कथित तौर पर धमकाया गया। घटना के दौरान मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे और डीवीआर भी तोड़ दिए गए। इससे मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचा।
पुलिस ने पांच आरोपियों को पकड़ा
घटना की सूचना मिलते ही मुगलपुरा थाना पुलिस और लालबाग चौकी की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने जीआईसी ग्राउंड और खंडहर के आसपास घेराबंदी कर पांच नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अभय सिंह, विशाल सिंह, आर्यन सिंह, अनुराग सिंह और अमन सिंह के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से पांच चाकू भी बरामद किए गए। इसके बाद उनके खिलाफ मारपीट समेत संबंधित धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
सभी गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। मंदिर की गद्दी को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब पुलिस कार्रवाई और कानूनी जांच तक पहुंच गया है।