KNEWS DESK- पाकिस्तान के टैक्सिला में 28 वर्षीय मशहूर टिकटॉकर आयशा शमसू की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। आयशा के टिकटॉक पर करीब 13 लाख यानी 1.3 मिलियन फॉलोअर्स थे। वारदात उस समय हुई जब वह अपनी 15 वर्षीय छोटी बहन और भाई के साथ कार से जा रही थीं। बाइक सवार हमलावरों ने उनकी कार पर गोलियां चलाईं। हमले में आयशा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी छोटी बहन गंभीर रूप से घायल हो गई।
यह घटना टैक्सिला के व्यस्त जीटी रोड पर अट्टॉक पेट्रोल पंप के पास शाम करीब 5 बजे हुई। जानकारी के मुताबिक, आयशा अपनी काले रंग की होंडा कार चला रही थीं। उनके साथ 15 वर्षीय बहन असमिया और भाई नेमतुल्लाह भी मौजूद थे। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार दो हमलावर कार के पास पहुंचे और पीछे बैठे शूटर ने आयशा की ओर गोलियां चला दीं।
गोली लगते ही बेकाबू हुई कार
गोली लगने के बाद आयशा ने कार पर नियंत्रण खो दिया। इसके बाद कार सड़क से गुजर रहे एक भारी डंपर से जा टकराई। हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। आयशा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी 15 वर्षीय बहन गंभीर रूप से घायल हो गई।
आयशा के भाई ने किसी तरह खुद को बचाया और राहगीरों की मदद से अपनी घायल बहन को इलाज के लिए इस्लामाबाद के पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) अस्पताल पहुंचाया। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
एक फोन कॉल के बाद घर से निकली थीं आयशा
मामले में आयशा के पिता फजल साहिबजादा ने टैक्सिला पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई है। पिता के मुताबिक, घटना से पहले आयशा को काशिफ उर्फ काशी नाम के एक व्यक्ति का फोन आया था। उसने आयशा को घर से बाहर आने के लिए कहा था। इसके कुछ देर बाद वह अपनी बहन और भाई के साथ कार लेकर घर से निकल गईं।
पिता ने काशिफ पर हत्या की साजिश में शामिल होने का शक जताया है। पुलिस ने एफआईआर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पैसों के लेनदेन को लेकर था विवाद
आयशा के पिता ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी पिछले तीन-चार वर्षों से टिकटॉक पर वीडियो बना रही थीं और उनके लाखों फॉलोअर्स थे। उन्होंने आरोप लगाया कि आयशा का कौसर और जावेद उर्फ शाहीन नाम के दो लोगों के साथ पैसों का लेनदेन था।
परिवार का आरोप है कि दोनों लोगों ने आयशा के पैसे वापस नहीं किए और पैसे मांगने पर उन्हें कथित तौर पर जान से मारने की धमकियां दी गईं। पिता के मुताबिक, आयशा ने इस संबंध में पहले इस्लामाबाद पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी।
परिवार को शक है कि इसी आर्थिक विवाद के चलते आयशा की हत्या की गई। हालांकि, हत्या के पीछे की असली वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर
दिनदहाड़े व्यस्त जीटी रोड पर हुई इस वारदात से इलाके में दहशत फैल गई है। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और हमलावरों की तलाश में जुटी है।
एफआईआर में नाम सामने आए काशिफ, कौसर और जावेद फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर बताए जा रहे हैं। पुलिस मामले में हत्या की वजह, हमलावरों की पहचान और घटना के पीछे की पूरी साजिश का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
यह जानकारी टैक्सिला पुलिस में दर्ज एफआईआर और पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।