Knews Desk- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम के बयान पर पलटवार करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद का समर्थन या उसे सही ठहराने वाले लोग मानसिक रूप से उसी विचारधारा से जुड़े हुए हैं।
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मोदी सरकार ने देश से हथियारबंद नक्सलवाद और माओवाद को खत्म करने में बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने दावा किया कि बस्तर समेत कई इलाकों में अब तिरंगा शान से लहरा रहा है, जबकि पहले वहां नक्सली गतिविधियां सक्रिय थीं। उन्होंने बिहार के जहानाबाद को भी नक्सलवाद से मुक्त होने का उदाहरण बताया।
बीजेपी सांसद ने पी. चिदंबरम के उस बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें कांग्रेस नेता ने खुद को ‘दिमागी नक्सली’ कहे जाने पर गर्व जताया था। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि जो लोग नक्सली विचारधारा को सही ठहराते हैं, उन्हें ‘अर्बन नक्सल’ या ‘दिमागी नक्सल’ कहे जाने पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस पर ‘वंदे मातरम्’ के अपमान का आरोप भी लगाया। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में राष्ट्रीय भावना और वंदे मातरम् को सम्मान दिया गया है।
पीएम मोदी ने लाल किले से क्या कहा था?
15 अगस्त को लाल किले से राष्ट्र के नाम संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि देश ने हथियारबंद नक्सलवाद से काफी हद तक मुक्ति हासिल कर ली है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि नक्सली विचारधारा से प्रभावित कुछ लोग अब भी समाज और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हो सकते हैं।
पीएम मोदी ने ऐसे लोगों को ‘दिमागी नक्सल’ बताते हुए कहा था कि उन्हें पहचानने और अलग-थलग करने की जरूरत है, ताकि देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के लिए युवाओं को एकजुट किया जा सके।
कांग्रेस ने भी किया पलटवार
पीएम मोदी के बयान पर कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने लिखा कि उन्हें ‘दिमागी नक्सली’ कहे जाने पर गर्व है।
वहीं, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘अर्बन नक्सल’ शब्द को लेकर बीजेपी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पहले भी संसद में ‘अर्बन नक्सल’ की परिभाषा को लेकर सवाल पूछा गया था और सरकार की ओर से कहा गया था कि ऐसी कोई निर्धारित परिभाषा नहीं है। जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि अब प्रधानमंत्री राजनीतिक विरोधियों के लिए ‘दिमागी नक्सल’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं।