बेल्जियम में दीवार तोड़ी तो निकला 99 करोड़ का सोना! 5 साल बाद तय होगा किसका होगा ये खजाना

KNEWS DESK- बेल्जियम के पूर्वी फ्लैंडर्स में एक घर की मरम्मत के दौरान उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मजदूरों को दीवार के अंदर छिपा हुआ सोने का बड़ा खजाना मिला। यह खजाना करीब 9 मिलियन यूरो यानी लगभग 99 करोड़ रुपये का बताया जा रहा है। सोने में ईंटों के साथ बड़ी संख्या में सिक्के भी शामिल हैं।

मजदूर घर में नए सीवर पाइप डालने के लिए खुदाई कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें तहखाने की दीवारों के भीतर कुछ छिपा हुआ दिखाई दिया। शुरुआत में उन्हें अंदाजा नहीं था कि वहां करोड़ों का खजाना मौजूद है।

18 साल के मजदूर ने देखा सोने का खजाना

खजाना खोजने वाले मजदूरों में 18 साल का कोबे भी शामिल था। वह गर्मी की छुट्टियों में पैसे कमाने के लिए काम कर रहा था। उसने बताया कि शुरुआत में उसे लगा कि दीवार में साधारण सिक्के छिपे हैं। लेकिन जब उन्हें सोने की एक ईंट दिखाई दी, तो सभी को अंदाजा हो गया कि मामला बेहद बड़ा है। मजदूरों ने बिना देरी किए पुलिस को इसकी जानकारी दी।

साइट मैनेजर मारियो के मुताबिक, इतनी बड़ी मात्रा में सोना अपने पास रखना संभव नहीं था और उसे छिपाकर रखना चोरी माना जाता। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पूरा खजाना अपने कब्जे में ले लिया।

पुलिस ने सुरक्षित रखा पूरा खजाना

पुलिस ने घर की तलाशी पूरी कर ली है और बरामद सोने को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे निर्माण स्थल पर जाकर खुद खजाना तलाशने की कोशिश न करें।

अब जांचकर्ताओं की सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाना है कि आखिर इतना सोना वहां किसने छिपाया था और इसका असली मालिक कौन है।

चैरिटी संस्था को मिल सकता है खजाना?

जिस संपत्ति से सोना बरामद हुआ है, वह फिलहाल एक चैरिटी संस्था के पास है। यह संस्था डेंडर्मोंडे शहर में जरूरतमंद लोगों की मदद करती है।

संस्था के निदेशक गर्ट हिलियर्ट ने कहा कि खजाना मिलने की खबर सुनकर वे हैरान रह गए। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगर कानूनी प्रक्रिया के बाद यह खजाना संस्था को मिलता है, तो इसका इस्तेमाल जरूरतमंद लोगों की मदद और सामाजिक कार्यों में किया जा सकता है।

5 साल तक करना होगा इंतजार

अब सबसे अहम सवाल है कि आखिर 99 करोड़ रुपये का यह सोना किसे मिलेगा? बेल्जियम के कानून के अनुसार, संभावित असली मालिक को अपना दावा पेश करने के लिए 5 साल यानी 1,823 दिन का समय मिलेगा। फिलहाल जांचकर्ताओं को ऐसा कोई व्यक्ति नहीं मिला है, जो इस खजाने पर अपना वैध दावा कर सके।

अगर पांच साल के भीतर कोई असली मालिक सामने नहीं आता और जांच में यह भी साबित नहीं होता कि सोना किसी अपराध से जुड़ा है, तो कानून के तहत इसे खोजने वालों और संपत्ति के मालिक के बीच बांटा जा सकता है। यानी फिलहाल मजदूरों और चैरिटी संस्था, दोनों को इंतजार करना होगा। अगर कोई वैध दावेदार सामने नहीं आता, तो करीब 99 करोड़ रुपये के इस खजाने का भविष्य बेल्जियम के कानून के मुताबिक तय होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *